नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने केरल में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े एक मामले में तीन साल से फरार चल रहे आरोपी को संयुक्त अरब अमीरात से लौटने पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान केरल के मलप्पुरम जिले के वलंचेरी स्थित कट्टिप्पारुथी निवासी मोइदीनकुट्टी पी के रूप में हुई है। वह पीएफआई के फिजिकल एजुकेशन ट्रेनिंग का कोऑर्डिनेटर बताया जा रहा है। एनआईए के अनुसार, सितंबर 2022 में मामला दर्ज होने के तुरंत बाद वह देश छोड़कर फरार हो गया था। जांच के दौरान एजेंसी ने उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए थे।
यह मामला पीएफआई और उसके पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न समुदायों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने की कथित साजिश से जुड़ा है। जांच एजेंसी का दावा है कि संगठन युवाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने और हिंसक गतिविधियों के लिए धन जुटाने की रणनीति पर काम कर रहा था।
एनआईए के मुताबिक, इस कथित साजिश का दीर्घकालिक उद्देश्य वर्ष 2047 तक भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था। जांच में यह भी सामने आया है कि पीएफआई ने अपनी गतिविधियों को संचालित करने के लिए ‘रिपोर्टर्स विंग’, ‘फिजिकल एवं आर्म्स ट्रेनिंग विंग’ और ‘सर्विस टीम्स’ जैसी इकाइयां बनाई थीं।
एजेंसी का आरोप है कि संगठन अपने कैंपस और अन्य सुविधाओं का इस्तेमाल शारीरिक प्रशिक्षण और योग कक्षाओं की आड़ में चयनित कैडर को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने के लिए करता था। एनआईए ने इस मामले में अब तक 65 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए हैं। एजेंसी ने कहा है कि मामले की आगे की जांच जारी है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
इससे पहले 13 फरवरी को एनआईए ने इम्ताथुल्लाह नामक आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। उस पर रामलिंगम हत्या मामले में शामिल हमलावरों और साजिशकर्ताओं को पनाह देने का आरोप था। मार्च 2019 में प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के सदस्यों ने रामलिंगम की निर्मम हत्या कर दी थी।
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