शिलाई। राष्ट्रीय उच्च मार्ग-707 पर शिलाई के समीप उत्तरी गांव के समीप हुए भू-स्खलन से मार्ग बीती रात्रि दो बजे से अवरुद्ध है। इस भू-स्खलन में पहाड़ी दरकने से बड़ी-बड़ी चट्टानें सडक़ मार्ग पर आ गई हैं। वहीं आने जाने वाले लोग जान जोखिम में डालकर चट्टानों के बीच रास्ता पार कर रहे हैं। उत्तरी के समीप लोहराह के समीप पांचवीं बार भू-स्खलन से मार्ग बंद हो गया है। इस भू-स्खलन का मुख्य कारण उच्च मार्ग-707 के निर्माण के दौरान डिप कटिंग बताया जा रहा है। मार्ग निर्माण के दौरान कंपनी द्वारा रोड़ी व क्रशर बनाने के लिए भारी भरकम कंपन उत्पन्न करने वाली मशीनों से अवैज्ञानिक खनन कर डिप कटिंग की है जिसकी वजह से खड़ी पहाडिय़ों की चट्टानें हिल गई हैं तथा दरारें आने की वजह से जरा सी बारिश में भू-स्खलन हो जाता है। यह मोड़ ब्लैक स्पॉट बन गया है जिसकी ऊंचाई 100 मीटर से भी ज्यादा बन गई है। बीते शुक्रवार रात्रि करीब दो बजे से मार्ग बंद है। दोनों तरफ बसें, किसानों की नकदी फसलों से लदे ट्रक व निजी गाडिय़ों की लाइन लगी है।
यही नहीं लोग दूसरी तरफ ट्रांसमेंट के लिए जान जोखिम में डालकर चट्टानों के बीच रास्ता पार कर रहे हैं। चट्टानें इतनी भारी भरकम हैं कि एलएनटी मशीन से भी उठा पाना संभव नहीं है। भले ही मार्ग खोलने के लिए दोनों तरफ से मशीनें लगाई गई हैं, लेकिन मलबा नीचे नहीं फेंक पा रही हैं। नीचे ग्रामीणों की पेयजल लाइन व सिंचाई कूहल है। करीब 12 घंटे बाद भी मार्ग नहीं खुल पाया है। ग्रामीणों ने एनएचए विभाग व प्रशासन से मांग की है कि इस ब्लैक स्पॉट का विशेष बंदोबस्त किया जाए। यदि इसी तरह भू-स्खलन होता रहा तो जल्द ही पाब मानल संपर्क मार्ग नीचे आ जाएगा तथा ग्रामीणों की सैकड़ों बीघा मलकियत भूमि ढाक में तबदील हो जाएगी।