बहन की सूनी गोद भरने के लिए चुराया नवजात, 8 घंटे में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
NOIDA नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा में तीन दिन के नवजात बच्चे के अपहरण का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फेस-2 थाना क्षेत्र के भंगेल स्थित एक अस्पताल से नवजात को चोरी करने वाली महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने महज आठ घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। पूछताछ में आरोपी महिला ने बच्चे के अपहरण के पीछे जो वजह बताई, उसे सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। महिला ने दावा किया कि उसकी बहन की कोई संतान नहीं है और वह उसकी सूनी गोद भरने के लिए नवजात को चुराकर ले गई थी। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी महिला की पहचान 26 वर्षीय उपासना के रूप में हुई है। इस मामले में एक नाबालिग को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है। आरोपी महिला के पास से बिना नंबर प्लेट की एक स्कूटी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। जानकारी के अनुसार, बच्चे का जन्म 6 अक्टूबर को नोएडा के भंगेल स्थित एक अस्पताल में हुआ था। नवजात अपनी मां और नानी के साथ अस्पताल में मौजूद था। इसी दौरान 8 अक्टूबर की शाम एक महिला अस्पताल पहुंची और उसने बच्चे की मां तथा नानी से बातचीत शुरू की।
आरोपी महिला ने परिजनों को बताया कि वह उन्हें एक सरकारी योजना के तहत 2,500 रुपये दिलवा सकती है। आर्थिक सहायता दिलाने का भरोसा देकर उसने परिवार के सदस्यों से जान-पहचान बढ़ाई। महिला की बातों पर भरोसा करके परिजन उससे बातचीत करने लगे। अगले दिन सुबह आरोपी महिला दोबारा अस्पताल पहुंची। इस बार वह नवजात को दुलारने लगी और परिवार के सदस्यों से सामान्य बातचीत करती रही। इसी दौरान उसने बच्चे की मां और नानी को बातों में उलझा दिया। मौका मिलते ही महिला नवजात को लेकर अस्पताल से फरार हो गई। जब परिजनों को बच्चा गायब होने की जानकारी मिली तो वे परेशान हो गए। अस्पताल से तीन दिन के नवजात के अचानक लापता होने की सूचना पुलिस को दी गई। मामला नवजात के अपहरण से जुड़ा होने के कारण फेस-2 थाना पुलिस ने तत्काल बच्चे की तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने बच्चे की बरामदगी के लिए मैनुअल इंटेलिजेंस और सीसीटीवी फुटेज की मदद ली। अस्पताल और आसपास की गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई गई। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी महिला के बारे में सुराग मिले।
इन सुरागों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए महज आठ घंटे के भीतर नवजात को सकुशल बरामद कर लिया। आरोपी महिला उपासना को एनएसईजेड मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से बिना नंबर प्लेट वाली स्कूटी भी बरामद की। बच्चे की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस ने उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। नवजात को वापस पाकर परिवार के सदस्यों ने राहत की सांस ली। परिजनों ने बच्चे को सुरक्षित बरामद करने के लिए पुलिस का आभार व्यक्त किया और खुशी जाहिर की। पुलिस पूछताछ में आरोपी उपासना ने बताया कि उसकी बहन की कोई संतान नहीं है। इसी वजह से वह अपनी बहन को बच्चा देना चाहती थी। आरोपी के अनुसार, उसने अपनी बहन की गोद भरने के इरादे से अस्पताल से नवजात का अपहरण किया था। हालांकि, यह आरोपी महिला का पुलिस के सामने दिया गया बयान है। पुलिस उसके दावे की जांच कर रही है। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।
मामले में एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस अपहरण से जुड़ी परिस्थितियों और आरोपी महिला की गतिविधियों की जांच कर रही है। किसी संगठित बच्चा चोरी गिरोह से संबंध होने की पुष्टि फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण तीन दिन का नवजात महज आठ घंटे में सुरक्षित मिल गया। फिलहाल आरोपी महिला गिरफ्तार है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तथा जांच जारी है।