नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक गुरुद्वारा बंगला साहिब में कथित राजनीतिक नारेबाजी और बैनर दिखाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता एचएस फूलका ने रविवार को आम आदमी पार्टी (AAP) पर गुरुद्वारा परिसर को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन का केंद्र बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पार्टी से जुड़े कुछ लोगों ने गुरुद्वारे के भीतर नारे लगाए, बैनर प्रदर्शित किए और भाषण भी दिया। फूलका ने इस घटना को धार्मिक स्थल की मर्यादा से जुड़ा मामला बताते हुए आपत्ति जताई है।फूलका ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा कि गुरुद्वारा बंगला साहिब लंबे समय से श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों की सेवा का केंद्र रहा है। यहां आने वाले लोगों को भोजन और ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती रही है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन करने वाले लोग भी कई दशकों से गुरुद्वारे में भोजन और रहने की सुविधा प्राप्त करते रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि हाल में हुई घटना सामान्य रूप से गुरुद्वारे में आने और उसकी सेवाओं का लाभ उठाने से अलग थी।
गुरुद्वारे में नारेबाजी और बैनर दिखाने का आरोप
एचएस फूलका ने अपने बयान में दावा किया कि कुछ लोग गुरुद्वारा बंगला साहिब परिसर में बैनर लेकर पहुंचे और वहां राजनीतिक नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने गुरुद्वारे के भीतर भाषण भी दिया।फूलका के मुताबिक, यह गतिविधि धार्मिक स्थल की सामान्य व्यवस्था और परंपराओं के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा परिसर में आने वाले लोगों को सेवा और सुविधाएं प्रदान करना एक अलग बात है, जबकि वहां राजनीतिक प्रदर्शन करना अलग विषय है।उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोगों की गतिविधियों से गुरुद्वारा परिसर को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश की गई।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस घटना में शामिल लोगों की संख्या, उनके नाम और कथित नारेबाजी के समय का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। फूलका के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी सामने नहीं आई है।
सेवादारों और संगत ने संभाली स्थिति
वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस फूलका ने दावा किया कि गुरुद्वारे के भीतर कथित नारेबाजी और बैनर दिखाए जाने के बाद वहां मौजूद सेवादारों और संगत के सदस्यों ने स्थिति को संभाला।उनके अनुसार, सेवादारों और संगत ने हस्तक्षेप कर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। फूलका ने कहा कि धार्मिक स्थल की गरिमा और वहां की व्यवस्थाओं को बनाए रखना आवश्यक है।हालांकि, उन्होंने अपने बयान में यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित प्रदर्शन कितनी देर तक चला और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए क्या विशेष कदम उठाए गए।इस संबंध में गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से किसी विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का उल्लेख भी उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
जंतर-मंतर के प्रदर्शनकारियों को मिलती रही है सुविधा
फूलका ने अपने प्रेस बयान में गुरुद्वारा बंगला साहिब की सेवा परंपरा का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले लोग दशकों से गुरुद्वारे में भोजन और ठहरने की सुविधा प्राप्त करते रहे हैं।जंतर-मंतर राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों के लिए जाना जाता है। विभिन्न संगठनों और समूहों के लोग अपनी मांगों को लेकर यहां प्रदर्शन करते रहे हैं।फूलका के अनुसार, गुरुद्वारा बंगला साहिब में प्रदर्शनकारियों को भोजन और रहने की सुविधा उपलब्ध कराना उसकी सेवा परंपरा का हिस्सा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी आपत्ति गुरुद्वारे में आने वाले प्रदर्शनकारियों या उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं से नहीं है।उन्होंने कहा कि आपत्ति उस कथित गतिविधि को लेकर है, जिसमें धार्मिक परिसर के भीतर बैनर दिखाने, नारे लगाने और भाषण देने का आरोप सामने आया है।
धार्मिक स्थल को राजनीतिक मंच बनाने का आरोप
एचएस फूलका ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ लोगों ने गुरुद्वारे को राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन के स्थान के रूप में इस्तेमाल करने का प्रयास किया।उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा बंगला साहिब की पहचान धार्मिक आस्था और सेवा से जुड़ी है। ऐसे में परिसर के भीतर राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।फूलका ने अपने बयान में धार्मिक स्थल पर आने वाले लोगों को सेवा प्रदान करने और वहां राजनीतिक प्रदर्शन आयोजित करने के बीच अंतर बताया।उनका कहना था कि गुरुद्वारे में भोजन और आश्रय प्राप्त करने वाले लोगों का स्वागत करना उसकी परंपरा रही है, लेकिन इस परंपरा को राजनीतिक गतिविधियों के आयोजन से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।हालांकि, फूलका के इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है। इसलिए पार्टी का पक्ष सामने आए बिना आरोपों को प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।
गुरुद्वारा बंगला साहिब का धार्मिक महत्व
दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब सिख समुदाय के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यह आठवें सिख गुरु, गुरु हरकृष्ण साहिब से जुड़ा ऐतिहासिक गुरुद्वारा है।यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं। गुरुद्वारे में लंगर की व्यवस्था भी की जाती है, जिसके माध्यम से लोगों को बिना किसी भेदभाव के भोजन उपलब्ध कराया जाता है।सिख धर्म में सेवा और समानता का विशेष महत्व है। गुरुद्वारों में लंगर की परंपरा इसी भावना से जुड़ी है।गुरुद्वारा बंगला साहिब में भी श्रद्धालुओं के साथ जरूरतमंद लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है। फूलका ने अपने बयान में इसी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को सुविधाएं देना और धार्मिक परिसर में राजनीतिक नारेबाजी करना दो अलग विषय हैं।
AAP की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस पूरे मामले में एचएस फूलका ने आम आदमी पार्टी के कुछ सदस्यों पर गुरुद्वारा परिसर में राजनीतिक गतिविधियां करने का आरोप लगाया है।हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी पहचान किस आधार पर आम आदमी पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं के रूप में की गई।इसके अलावा, घटना से संबंधित किसी आधिकारिक जांच, शिकायत या पुलिस कार्रवाई का विवरण भी सामने नहीं आया है।फिलहाल इस विवाद में आम आदमी पार्टी और गुरुद्वारा प्रबंधन का विस्तृत पक्ष उपलब्ध नहीं है।एचएस फूलका के बयान के बाद धार्मिक स्थलों की मर्यादा और राजनीतिक विरोध-प्रदर्शनों के बीच अंतर का मुद्दा सामने आया है। मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और घटना से जुड़े प्रमाण सामने आने के बाद ही कथित नारेबाजी और राजनीतिक गतिविधियों की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
Tags: