हैदराबाद। तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राज्य के मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर झूठा अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव के उस बयान पर सवाल उठाए, जिसमें दावा किया गया था कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी मतदाता का वोट नहीं छूटा है। प्रभाकर ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि यदि मतदाता अपने नाम सूची से हटाए जाने की शिकायत लेकर उनके पास पहुंचते हैं, तो उन्हें उन शिकायतों का सामना करना चाहिए।पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की गलती होने पर उसे सुधारने और नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस दिशा में गंभीरता दिखाने के बजाय SIR को लेकर गलत जानकारी फैला रही है।मंत्री ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के एक इंटरव्यू का उल्लेख करते हुए उनके दावों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटने का दावा करने के बजाय राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यदि पुनरीक्षण प्रक्रिया में कोई गलती सामने आती है तो उसका समाधान किया जाए।
रामचंदर राव के बयान पर उठाए सवाल
मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव के बयान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राव ने अपने इंटरव्यू में दावा किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान किसी भी व्यक्ति का वोट नहीं छूटा है।प्रभाकर ने इस दावे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि कोई नागरिक अपना नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायत करता है, तो उसकी समस्या को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि मतदाता सूची में किसी प्रकार की गलती सामने आने पर उसे सुधारने के लिए उनकी पार्टी क्या कदम उठाएगी।प्रभाकर के मुताबिक, मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करना और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर जरूरी आश्वासन देने के बजाय राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।
BJP पर झूठा अभियान चलाने का आरोप
पोन्नम प्रभाकर ने भाजपा पर SIR को लेकर झूठा अभियान चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व मतदाता सूची में संभावित गलतियों को सुधारने के मुद्दे पर स्पष्ट रुख नहीं अपना रहा है।मंत्री ने कहा, "तेलंगाना BJP अध्यक्ष यह नहीं कह रहे हैं कि अगर वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के दौरान कोई गलती होती है, तो हम उसे सुधारेंगे और नागरिकों के वोट देने के अधिकार की रक्षा करेंगे।"उन्होंने आगे आरोप लगाया कि भाजपा अपने कार्यकर्ताओं से भी मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में शामिल होने की अपील नहीं कर रही है।प्रभाकर ने कहा कि राजनीतिक दलों को यह सुनिश्चित करने पर ध्यान देना चाहिए कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में दर्ज रहें और किसी गलती के कारण उन्हें मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।हालांकि, भाजपा पर झूठा अभियान चलाने का उनका आरोप एक राजनीतिक दावा है। उपलब्ध जानकारी में इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि करने वाला कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया है।
वोट कटने वाले लोगों को सामने लाने की चुनौती
पोन्नम प्रभाकर ने रामचंदर राव को चुनौती दी कि वे तारीख, समय और स्थान तय करें। उन्होंने दावा किया कि वह मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की शिकायत करने वाले लोगों को दस्तावेजों के साथ उनके सामने पेश करेंगे।मंत्री ने आरोप लगाया कि तेलंगाना में करीब 70 लाख और हैदराबाद में 40 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने देशभर में 13 करोड़ नाम हटाए जाने का भी दावा किया। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अपने वोट को लेकर भी किया दावा
प्रभाकर ने दावा किया कि उनके पिता के नाम में दर्ज अंतर के कारण उनका अपना नाम भी मतदाता सूची से हटाने की कोशिश हुई थी। उन्होंने कहा कि ऐसी गलतियों के कारण पात्र नागरिकों का मतदान अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए।मंत्री ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका भी जताई। उन्होंने चुनाव आयोग से हटाए गए नामों का विवरण सार्वजनिक करने और यह स्पष्ट करने की मांग की कि इनमें कितने पात्र मतदाता शामिल थे।
BJP प्रदेश अध्यक्ष ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जा रहा है।राव ने कांग्रेस नेताओं से ऐसे वास्तविक मतदाताओं का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है, जिनके नाम गलत तरीके से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मृत मतदाताओं, स्थान बदल चुके लोगों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना मतदाता सूची को सही रखने की सामान्य प्रक्रिया है।
मतदाता अधिकारों को लेकर विवाद जारी
तेलंगाना में SIR को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच मतभेद सामने आ गए हैं। कांग्रेस नेता पोन्नम प्रभाकर मतदाता सूची से कथित तौर पर हटाए गए नामों की जांच और पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। वहीं भाजपा पुनरीक्षण प्रक्रिया का समर्थन करते हुए कांग्रेस से आरोपों के प्रमाण मांग रही है।मतदाता सूची में नाम शामिल होना किसी भी पात्र नागरिक के मतदान अधिकार के इस्तेमाल के लिए आवश्यक है। ऐसे में नाम हटाए जाने की शिकायतों का नियमानुसार परीक्षण और त्रुटियों का सुधार महत्वपूर्ण है।फिलहाल प्रभाकर ने रामचंदर राव को प्रभावित मतदाताओं से मिलने की खुली चुनौती दी है। अब यह देखना होगा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष इस चुनौती पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और कथित तौर पर हटाए गए नामों से संबंधित दस्तावेजों की जांच किस तरह आगे बढ़ती है।