NEET 2026 री-एग्जाम: नकली पेपर की अफवाहें भड़काने वालों पर NTA का सख्त वार
अफवाह फैलाना गंभीर अपराध, सख्त कार्रवाई होगी
Delhi दिल्ली: NEET (UG) 2026 री-एग्जाम को लेकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं। कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि परीक्षा का प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध है या पैसे देकर खरीदा जा सकता है। इन खबरों ने लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता पैदा कर दी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने स्पष्ट किया है कि ये सभी दावे पूरी तरह झूठे और भ्रामक हैं। एजेंसी के अनुसार, कुछ संगठित गिरोह छात्रों की चिंता का फायदा उठाकर नकली प्रश्नपत्र बेचने का प्रयास कर रहे हैं। NTA ने बताया कि ये गिरोह सोशल मीडिया, टेलीग्राम चैनल और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए संपर्क करते हैं और नकली स्क्रीनशॉट या दस्तावेज दिखाकर छात्रों को विश्वास दिलाते हैं। ऐसे किसी भी दावे पर विश्वास करना छात्रों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। अब तक वायरल हुए सभी कथित पेपर और संदेश पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं।
एजेंसी ने कहा कि वह फर्जी सामग्री फैलाने वाले चैनल, अकाउंट और कंटेंट की पहचान कर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम एजेंसियों को रिपोर्ट कर रही है। NTA ने कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के पास औपचारिक शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। फर्जी जानकारी बनाना, फैलाना या आगे भेजना गंभीर अपराध है, और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। NTA ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करें और किसी भी नकली प्रस्ताव या संदेश में शामिल न हों।