हिमाचल की सबसे बड़ी रथ यात्रा से भक्तिमय हुआ नाहन

Update: 2026-07-20 11:09 GMT
नाहन। उड़ीसा के पूरी की तर्ज पर रविवार को नाहन शहर में हिमाचल की सबसे बड़ी भगवान श्री जगन्नाथ जी की रथयात्रा निकाली गई । इस दौरान नाहन शहर का चप्पा चप्पा भक्तिमय माहौल में डूबा रहा । हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ जी के रथ को खींचने में अपनी भागीदारी देकर आशीर्वाद प्राप्त किया । भगवान श्री जगन्नाथ जी की इस रथ यात्रा का शुभारंभ प्रातः नाहन शहर के बड़ा चौक से पूरी पूजा अर्चना के साथ किया गया। भगवान जगन्नाथ,बलभद्र व सुभद्रा की बेहद ही आकर्षक अंदाज में सजाई गई प्रतिमाओं को श्रद्धालुओं द्वारा पालकी में रखकर दिल्ली गेट, पुलिस लाइन व कालिस्थान मंदिर से होते हुए नाहन चौगान में पंहुचाई गई । जंहा पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ की पालकियों का स्वागत किया। सिरमौर का ऐतिहासिक शहर नाहन रविवार को पूरी तरह भगवान श्री जगन्नाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया। छप्पन भोग लगाने की परंपरा के बाद तीनों प्रतिमाओं को रथ पर बैठाकर पूजा अर्चना की गई। इस अवसर पर नाहन के विधायक अजय सोलंकी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल व उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने पूजा अर्चना में
हिस्सा लिया।


उसके बाद करीब 12:30 बजे ऐतिहासिक मैदान चौगान से 18वीं भव्य रथयात्रा का शुभारंभ हुआ। जैसे ही भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विग्रह रथ पर विराजमान हुए, पूरा शहर “जय जगन्नाथ” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के उत्साह, भक्ति और आस्था ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। रथयात्रा के साथ ही शहर की गलियां भक्ति रस में डूब गईं। महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे बड़ी श्रद्धा के साथ भगवान के दर्शन करने और रथ को खींचने के लिए उमड़ पड़े। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर भगवान का स्वागत किया और भजन-कीर्तन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।इस वर्ष भी नाहन की जगन्नाथ रथयात्रा ने सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की अनूठी मिसाल पेश की। शहर के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम और सिख समुदाय के लोगों ने यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। कच्चा टैंक स्थित मस्जिद के बाहर मुस्लिम समाज ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया, जबकि सिख समुदाय ने भी कई स्थानों पर सेवा और स्वागत की व्यवस्था कर भाईचारे का संदेश दिया। यह दृश्य हर किसी के लिए प्रेरणादायक रहा और “अनेकता में एकता” की भारतीय संस्कृति को जीवंत करता दिखाई दिया। रथयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल, प्रसाद और रिफ्रेशमेंट की व्यवस्था की गई। सेवा भाव से ओतप्रोत स्वयंसेवक पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं की सहायता में जुटे रहे। वहीं, पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति के स्वयंसेवकों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए।
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