निजी कॉलेज में प्रशिक्षण शिविर के दौरान बंदरों का हमला, दो छात्राएं घायल
मची अफरा-तफरी
Gwalior. ग्वालियर। शहर के एक निजी कॉलेज में आयोजित शौर्य संकल्प प्रशिक्षण शिविर के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब बंदरों के झुंड ने अचानक छात्राओं पर हमला कर दिया। इस घटना में दो छात्राएं घायल हो गईं, जिनकी पहचान रूबी और माया के रूप में हुई है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, निजी कॉलेज में शौर्य संकल्प प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया था।
जिसमें लगभग 175 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। यह शिविर विभिन्न प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए आयोजित किया गया था और पूरे कैंपस में अलग-अलग सत्र चल रहे थे। घटना उस समय हुई जब कुछ छात्राएं कैंपस के भीतर स्थित पार्क क्षेत्र में बैठकर भोजन कर रही थीं। इसी दौरान अचानक बंदरों का झुंड वहां पहुंचा और बिना किसी चेतावनी के छात्राओं पर हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले से छात्राओं को संभलने का मौका नहीं मिला और मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बंदरों ने छात्राओं पर तेजी से हमला किया, जिससे वे घबरा गईं और इधर-उधर भागने लगीं। हमले में छात्राएं रूबी और माया गंभीर रूप से घायल हो गईं और उन्हें चोटें आईं। घटना के दौरान परिसर में मौजूद अन्य छात्र-छात्राओं में भी दहशत फैल गई। वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि बंदरों का झुंड अचानक छात्राओं की ओर दौड़ता है और कुछ ही सेकंड में हमला कर देता है। छात्राएं खुद को बचाने की कोशिश करती हुई दिखाई देती हैं, लेकिन बंदरों के झुंड के सामने वे असहाय नजर आईं।
किसी तरह दोनों छात्राएं परिसर के अंदर सुरक्षित स्थान पर पहुंचीं, लेकिन इस दौरान वे लहूलुहान हो गई। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया और आगे की कार्रवाई शुरू की। वहीं, इस घटना ने आयोजनकर्ताओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों और अभिभावकों का कहना है कि इतने बड़े प्रशिक्षण शिविर में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्रों में बंदरों की समस्या पहले से बनी हुई है।
लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी लापरवाही का परिणाम यह घटना मानी जा रही है। फिलहाल दोनों घायल छात्राओं का इलाज कराया जा रहा है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन और वन विभाग से बंदरों की समस्या के स्थायी समाधान की मांग उठ रही है। पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली है और कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।