हाइब्रिड गांजा तस्करी करने वाले बड़े गिरोह का पता चला, 7.97 करोड़ के गांजे के साथ भाई-बहन अरेस्ट

पढ़ें पूरी खबर.

Update: 2026-02-13 04:54 GMT
अहमदाबाद: अहमदाबाद एसओजी ने बैंकॉक से अहमदाबाद तक हाइब्रिड गांजा तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने 7.97 करोड़ रुपये के गांजे के साथ एक भाई-बहन को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि युवती ने ड्रग माफिया के कहने पर राजस्थान के युवकों की एक टोली तैयार की थी, जिन्हें गांजा खरीदने और लाने के लिए बैंकॉक भेजा गया था.
एसओजी के मुताबिक, आरोपी युवती जिया प्रजापति नवंबर 2025 में बैंकॉक घूमने गई थी. वहां उसकी मुलाकात सूरत के रहने वाले मिलन वाघासिया से हुई. दोनों की दोस्ती हो गई. गुजरात लौटने के बाद मिलन ने जिया की पहचान अहमदाबाद निवासी अरमान जोशी से कराई.
अरमान ने जिया को बैंकॉक से हाइब्रिड गांजा लाने का प्रस्ताव दिया, लेकिन जिया ने इनकार कर दिया. इसके बाद अरमान ने उसे कमीशन का लालच दिया और कहा कि वह ऐसे लोगों को ढूंढे जो गांजा ला सकें. इसके बाद जिया ने अपने चचेरे भाई चेतन की मदद से राजस्थान के चार युवकों को तैयार किया. इनमें नाथद्वारा निवासी गोपाल सोलंकी और उमेश सोलंकी, तथा बांसवाड़ा निवासी प्रशांत कलाल और भुवनेश बुनकर शामिल थे. इन्हें जनवरी में बैंकॉक भेजा गया.
करीब एक महीने पहले मुंबई लौटते समय भुवनेश को मुंबई एयरपोर्ट पर भारी मात्रा में हाइब्रिड गांजा के साथ पकड़ लिया गया. जिया ने मिलन और अरमान के जरिए उसे छुड़वाने की कोशिश की, लेकिन एनडीपीएस मामले में रिहाई नहीं हो सकी.
इसके बाद जिया ने बाकी युवकों से गांजा अपने पास रख लिया और कहा कि वह तभी माल देगी, जब भुवनेश को छुड़वाया जाएगा. जब भुवनेश रिहा नहीं हुआ तो जिया ने गांजा बेचने का फैसला किया और ग्राहक तलाशने लगी. ग्राहक मिलने से पहले ही अहमदाबाद एसओजी ने कार्रवाई करते हुए जिया और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने बताया कि इस मामले में छह अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
Tags:    

Similar News