चेन्नई। तमिलनाडु में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन को अनुमति देने के मामले में मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार, 14 अक्टूबर को राज्य सरकार और पुलिस से सवाल किए। न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन ने सुनवाई के दौरान पूछा कि जब जम्मू-कश्मीर में RSS का पथ संचलन हो सकता है, तो तमिलनाडु में हर साल अनुमति देने से इनकार क्यों किया जाता है।
अदालत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार नागरिकों को दुश्मन की तरह देख रही है। न्यायमूर्ति ने सवाल उठाया कि RSS सहित विभिन्न संगठनों को अपने कार्यक्रम आयोजित करने के लिए बार-बार अदालत का दरवाजा क्यों खटखटाना पड़ता है।
यह मामला RSS के उत्तर तमिलनाडु सचिव वी.जी. जगदीशन की याचिका से जुड़ा है। याचिका में 18 अक्टूबर, 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को राज्य के विभिन्न स्थानों पर पथ संचलन और सार्वजनिक सभाएं आयोजित करने की अनुमति मांगी गई है।
सुनवाई के दौरान तमिलनाडु सरकार की ओर से महाधिवक्ता विजय नारायण ने कहा कि प्रस्तावित स्थान सार्वजनिक सभा के लिए अधिसूचित नहीं हैं। उन्होंने त्योहारों के दौरान यातायात, भीड़ और पुलिस तैनाती से जुड़ी समस्याओं का भी उल्लेख किया।