सुबह 6 बजे लोकायुक्त की दबिश, प्रधान आरक्षक के 15 ठिकानों पर छापे
हेड कॉन्स्टेबल फिरोज खान पर लोकायुक्त का शिकंजा
देवास। मध्य प्रदेश में आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इंदौर के पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के खिलाफ बुधवार, 14 अक्टूबर को इंदौर और उज्जैन लोकायुक्त की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई कार्रवाई में देवास और इंदौर के कुल 15 ठिकानों पर तलाशी ली गई।
जानकारी के मुताबिक, लोकायुक्त की टीम ने देवास में 11 और इंदौर में चार स्थानों पर एक साथ दबिश दी। इनमें फिरोज खान का देवास के आदर्श नगर स्थित आवास, मकान, फ्लैट, प्लॉट और कृषि भूमि से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।
लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में करीब 6 करोड़ 26 लाख रुपये की संपत्ति सामने आई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, फिरोज खान की कुल ज्ञात आय लगभग 1 करोड़ 93 लाख रुपये आंकी गई थी, जबकि संपत्ति इससे करीब 223 प्रतिशत अधिक बताई गई।
छापेमारी के दौरान संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों और कारोबारी लेनदेन की जांच की गई। जांच में फिरोज खान के परिजनों और परिचितों के नाम पर संपत्ति तथा विभिन्न कंपनियों से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी जांच के दायरे में आए।
बुधवार शाम तक सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, तलाशी अभियान में 33 अचल संपत्तियों की जानकारी मिली, जिनका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 29.73 करोड़ रुपये बताया गया है। इसके अलावा 21 बैंक खातों और नौ वाहनों से संबंधित दस्तावेज भी सामने आए हैं।
लोकायुक्त की टीम संपत्ति के स्रोत और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। शुरुआती और बाद के आकलन में अंतर है, इसलिए अंतिम संपत्ति मूल्य की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद होगी। फिलहाल आरोप न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं।