JAMMU जम्मू: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि किसी भी अभियान की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं मापी जा सकती, बल्कि वास्तविक सफलता तब होती है जब कोई सरकारी योजना जनता का आंदोलन बन जाए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में कई अभियानों में आम लोगों की भागीदारी देखने को मिली है। जम्मू के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि उन्होंने 11 अप्रैल को जम्मू में हुए एक कार्यक्रम के दौरान भी यह बात कही थी कि किसी अभियान की सफलता केवल संख्या तक सीमित नहीं होती। जब लोग खुद उससे जुड़ते हैं और उसे अपनी जिम्मेदारी मानकर आगे बढ़ाते हैं, तभी उसका वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में यह बदलाव देखने को मिला है, जहां सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं की भागीदारी का जिक्र किया। मनोज सिन्हा ने कहा कि जागरूकता अभियान में माताओं और बहनों ने आगे बढ़कर योगदान दिया। इसके अलावा युवा क्लबों के माध्यम से युवाओं ने भी अभियान से जुड़कर अपनी भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भी इस प्रयास को मजबूत बनाने में सहयोग किया।
उपराज्यपाल ने कहा कि किसी भी सामाजिक अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार और जनता के बीच साझेदारी जरूरी होती है। उन्होंने कहा कि जब लोग किसी पहल को अपना अभियान मान लेते हैं, तो उसका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से बड़े बदलाव संभव हैं। उन्होंने युवाओं, महिलाओं और स्थानीय समुदायों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए जनभागीदारी जरूरी है। उन्होंने लोगों से भविष्य में भी ऐसे अभियानों में सक्रिय रूप से शामिल होने की अपील की। एलजी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नागरिकों की भागीदारी से कई योजनाएं केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर सामाजिक पहल का रूप ले रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि लोगों के सहयोग से विकास और जागरूकता से जुड़े प्रयासों को आगे भी गति मिलेगी।