Shimla. शिमला। राजधानी शिमला के संजौली-ढली बाइपास पर गुरुवार दोपहर भारी भूस्खलन होने से मार्ग करीब तीन घंटे तक बंद रहा। भूस्खलन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और हजारों लोगों को जाम में फंसना पड़ा। शाम करीब छह बजे लोक निर्माण विभाग और पुलिस की टीमों ने मलबा हटाकर सडक़ को एक तरफ से यातायात के लिए बहाल किया। जानकारी के अनुसार बाईपास पर एक निजी भवन के निर्माण के लिए पहाड़ी की खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान अचानक भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और एक पेड़ सडक़ पर आ गिरा, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया।
बताया जा रहा है कि नगर निगम पहले भी भूमि मालिक और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों को सुरक्षित तरीके से काम करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी कर चुका था, लेकिन इसके बावजूद खुदाई का कार्य जारी रहा। भूस्खलन की सूचना मिलते ही पुलिस और लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया, लेकिन लगातार गिरते पत्थरों और फिसलन के कारण राहत कार्य में काफी सावधानी बरतनी पड़ी। ढली-संजौली बाईपास राजधानी का प्रमुख मार्ग है, जो ढली, कुफरी, ऊपरी शिमला, करसोग और ततापानी क्षेत्रों को जोड़ता है। मार्ग बंद होने से कर्मचारी, छात्र, पर्यटक और स्थानीय लोग प्रभावित हुए। नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने कहा कि संबंधित भूमि मालिक को पहले ही नोटिस दिया था। यदि जांच में उनकी लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।