ट्रेन ब्लास्ट साज़िश: पाकिस्तान से जुड़े दो आतंकियों पर NIA का शिकंजा

Update: 2026-08-08 07:57 GMT
नई दिल्ली: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार को दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। ​​इन पर भारत में आतंकी हमलों (जिसमें एक पैसेंजर ट्रेन को निशाना बनाने की साजिश भी शामिल थी) के लिए पाकिस्तान से IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस), हथियार और हेरोइन की तस्करी करने की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
यह चार्जशीट मोहाली में NIA की स्पेशल कोर्ट में गिरफ्तार आरोपी शुभम कुमार और फरार आरोपी जसवीर चौधरी के खिलाफ दाखिल की गई। दोनों पर गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता (BNS), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, शस्त्र अधिनियम, नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम और रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला मूल रूप से फरवरी 2026 में कुमार की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन्स सेल (SSOC) ने दर्ज किया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, उसके पास से एक मेटल केस में छिपाकर रखा गया एक्टिव IED, एक रिमोट-कंट्रोल डिवाइस, मैगज़ीन के साथ विदेशी .30 बोर की पिस्तौल, 20 जिंदा कारतूस, हेरोइन और एक मोबाइल फोन मिला था।
मार्च 2026 में जांच अपने हाथ में लेने वाली NIA ने कहा कि उसकी जांच में एक बड़ी साजिश का पता चला है, जिसमें पाकिस्तान स्थित हैंडलर और भारत में मौजूद ऑपरेटर्स शामिल थे। ये लोग सीमा पार के रास्तों से विस्फोटक, हथियार और नशीले पदार्थ लाने और पहुंचाने का काम कर रहे थे।
एजेंसी के अनुसार, कुमार को बड़ी संख्या में लोगों की जान लेने के इरादे से एक पैसेंजर ट्रेन में टाइमर-ऑपरेटेड IED लगाने का काम सौंपा गया था। जांच में यह भी पता चला कि साजिश सिर्फ़ एक टारगेट तक सीमित नहीं थी; पंजाब और दिल्ली में कई जगहों पर हमले करने की योजना थी ताकि नुकसान पहुंचाया जा सके, दहशत फैलाई जा सके और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा किया जा सके।
एजेंसी ने कहा कि उसने इस कथित साजिश और आरोपियों की संलिप्तता को साबित करने के लिए ठोस मौखिक, दस्तावेजी और डिजिटल सबूत जुटाए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि हालांकि तय कानूनी समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी गई है, लेकिन पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने, साथ ही भारत में विस्फोटक, हथियार और नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए इस्तेमाल किए गए रास्तों का पता लगाने के लिए जांच अभी भी जारी है।
Tags:    

Similar News