UN महासभा में फिर उठा कश्मीर का मुद्दा...गाजा पर बोले तो इजराइली प्रतिनिधि बाहर निकले
एर्दोगन ने कश्मीर पर क्या कहा?
नई दिल्ली: तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कश्मीर से जुड़े विवाद का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए।
एर्दोगन 2019 के बाद से 2024 को छोड़कर हर साल UN में कश्मीर का जिक्र कर चुके हैं। यानी अब तक वह 7 बार इस मुद्दे को उठा चुके हैं। भारत पहले भी ऐसी टिप्पणियों को खारिज कर चुका है। अपने भाषण में एर्दोगन ने फिलिस्तीन के मुद्दे पर भी बात की और गाजा में इजराइल की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनके भाषण के दौरान इजराइल का प्रतिनिधिमंडल UN महासभा हॉल से बाहर चला गया।
एर्दोगन ने कश्मीर पर क्या कहा
तुर्किये के राष्ट्रपति एर्दोगन ने मंगलवार को UN महासभा के मंच से कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे का समाधान बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए। कश्मीर को लेकर एर्दोगन की यह टिप्पणी पहली बार नहीं है। दी गई जानकारी के मुताबिक, 2019 से 2024 को छोड़कर वह हर साल संयुक्त राष्ट्र में इस मुद्दे का जिक्र करते आए हैं। अब तक वह UN में 7 बार कश्मीर का मुद्दा उठा चुके हैं। भारत इससे पहले भी एर्दोगन की ऐसी टिप्पणियों को खारिज कर चुका है।
गाजा और फिलिस्तीन पर भी बोले
एर्दोगन ने अपने भाषण में फिलिस्तीन के पक्ष में भी बात रखी। उन्होंने गाजा में इजराइल की कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उनके भाषण के दौरान इजराइल के प्रतिनिधि UN महासभा हॉल से बाहर चले गए।
UN महासभा में कई बड़े मुद्दे चर्चा में
UN महासभा के दौरान कश्मीर और गाजा के अलावा भी कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दे चर्चा में रहे। अलग-अलग देशों के नेताओं ने युद्ध, सुरक्षा, AI, ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने भाषण में ईरान, ग्रीनलैंड, AI और UN से जुड़े कई मुद्दों का जिक्र किया। वहीं, मध्य पूर्व के नेताओं के भाषण में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष प्रमुख विषय रहा।
UNGA में भारत से जुड़े मुद्दे भी अहम
दी गई जानकारी के मुताबिक, UN महासभा के दौरान भारत और मध्य यूरोप के V4 समूह के देशों के बीच भी बैठक हुई। इस समूह में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेकिया शामिल हैं। दोनों पक्षों ने विदेश मंत्रियों की नियमित वार्षिक बैठक करने और व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने के लिए साझा बिजनेस फोरम शुरू करने की बात कही।