वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत: Report

Update: 2026-04-29 15:21 GMT
Delhi दिल्ली: नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के लिए यह स्थिति एक अवसर बन सकती है। सरकार का मानना है कि देश के मजबूत घरेलू आर्थिक आधार और रणनीतिक स्वायत्तता की नीति इसे इस दौर में स्थिर बनाए रखने में मदद कर सकती है।
वित्त मंत्रालय की मंथली इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक स्थिति अभी भी काफी हद तक मजबूत बनी हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हाई फ्रीक्वेंसी इंडिकेटर्स, जो अर्थव्यवस्था की तात्कालिक स्थिति को दर्शाते हैं, उनके आधार पर देश की आर्थिक गतिविधियां स्थिर और सकारात्मक बनी हुई हैं।
हालांकि रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि मार्च 2026 के दौरान कुछ शुरुआती दबाव के संकेत देखने को मिले हैं। ये संकेत वैश्विक परिस्थितियों और बाहरी कारकों के प्रभाव को दर्शाते हैं, लेकिन फिलहाल इनका असर सीमित बताया गया है।
सरकार का कहना है कि वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव, भू-राजनीतिक तनाव और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां कई देशों की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रही हैं। इसके बावजूद भारत की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि देश के घरेलू फंडामेंटल्स, जैसे उपभोग, निवेश और सरकारी खर्च, अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। इसके साथ ही वित्तीय और मौद्रिक नीतियों का संतुलन भी आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में योगदान दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत की स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी यानी स्वतंत्र नीति अपनाने की क्षमता भी इस समय महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे देश वैश्विक दबावों के बीच अपने हितों के अनुसार निर्णय लेने में सक्षम है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था में लचीलापन दिखाई दे रहा है, जो इसे बाहरी झटकों से निपटने में सक्षम बनाता है। हालांकि, भविष्य में वैश्विक परिस्थितियों पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
सरकार का मानना है कि इस समय सुधारात्मक और सावधानीपूर्ण कदम उठाकर भारत इस वैश्विक अनिश्चितता को अवसर में बदल सकता है। इसके लिए नीतिगत स्थिरता और विकास को बढ़ावा देने वाले कदम अहम होंगे।
इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि आर्थिक गतिविधियों की निगरानी लगातार की जा रही है और जरूरत पड़ने पर नीतिगत बदलाव किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि घरेलू मांग मजबूत बनी रहती है और निवेश में वृद्धि जारी रहती है, तो भारत वैश्विक चुनौतियों के बावजूद अपनी विकास दर को बनाए रख सकता है।
कुल मिलाकर, वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट यह दर्शाती है कि भारत की अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद इसमें अवसर तलाशे जा सकते हैं, बशर्ते नीतियों का सही क्रियान्वयन जारी रहे।
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