हुगली। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी के बीच ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता कल्याण बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और पुलिस आपस में मिलकर लोगों को डराने-धमकाने का काम कर रहे हैं। इसके बावजूद हुगली में आयोजित तृणमूल कांग्रेस की रैली और बैठक में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। बनर्जी ने इसे जनता के समर्थन का संकेत बताते हुए कहा कि लोगों को कथित तौर पर रोकने की कोशिशों के बाद भी वे कार्यक्रम में शामिल हुए।हुगली में आयोजित रैली के बाद समाचार एजेंसी ANI से बातचीत करते हुए कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा और पुलिस मिलकर लोगों के खिलाफ ज्यादती कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि लोगों के घरों तक जाकर उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है। बनर्जी के मुताबिक लोगों से कथित तौर पर कहा जा रहा है कि अगर वे तृणमूल कांग्रेस की बैठक में शामिल हुए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कल्याण बनर्जी ने कहा, “BJP और पुलिस मिलकर ज्यादतियां कर रहे हैं। वे घर-घर जाकर लोगों को डरा-धमका रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर वे मीटिंग में शामिल हुए तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” हालांकि, ये आरोप कल्याण बनर्जी की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में भाजपा या पुलिस की ओर से इन आरोपों पर प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।TMC नेता ने दावा किया कि कथित दबाव और डर के माहौल के बावजूद बड़ी संख्या में लोग पार्टी के कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस बैठक को लेकर उनकी ओर से बड़े स्तर पर प्रचार भी नहीं किया गया था। इसके बाद भी लोगों की मौजूदगी काफी अधिक रही।बनर्जी ने कहा, “इसके बावजूद आज हमारी मीटिंग में इतने सारे लोग शामिल हुए। हमने कोई प्रचार नहीं किया; हम कहीं नहीं गए। फिर भी, सुवेंदु अधिकारी को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर आज इतने सारे लोग इकट्ठा हुए।”
कल्याण बनर्जी के बयान के बाद पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा के साथ पुलिस का नाम लेते हुए लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने के लिए डराने-धमकाने का आरोप लगाया। हालांकि, उनके दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।हुगली की रैली में कल्याण बनर्जी ने भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को लेकर भी निशाना साधा। उनके मुताबिक कार्यक्रम में जुटे लोग सुवेंदु अधिकारी को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर एकत्रित हुए थे। बनर्जी ने भीड़ का जिक्र करते हुए दावा किया कि किसी व्यापक प्रचार के बिना भी बड़ी संख्या में लोगों का पहुंचना महत्वपूर्ण है।
तृणमूल कांग्रेस और भाजपा पश्चिम बंगाल की राजनीति में लगातार एक-दूसरे के खिलाफ हमलावर रही हैं। विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर दोनों दलों के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिलते रहे हैं। हुगली में आयोजित कार्यक्रम के बाद कल्याण बनर्जी के बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।कल्याण बनर्जी के आरोपों का मुख्य केंद्र लोगों को कथित रूप से रैली में जाने से रोकने का प्रयास रहा। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच गिरफ्तारी का डर पैदा करने की कोशिश की गई। इसके बावजूद लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने रैली में जुटी भीड़ को अपने दावे के समर्थन में पेश किया।बनर्जी ने यह भी कहा कि पार्टी की ओर से बैठक के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार नहीं किया गया था। उनका दावा है कि पार्टी नेताओं ने लोगों तक पहुंचने के लिए कोई विशेष अभियान भी नहीं चलाया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। उन्होंने इसे सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ लोगों के विरोध से जोड़कर देखा।
इस पूरे मामले में कल्याण बनर्जी की ओर से भाजपा और पुलिस पर लगाए गए आरोप राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। हालांकि किसी भी आरोप की पुष्टि के लिए संबंधित पक्षों का जवाब भी महत्वपूर्ण होता है। उपलब्ध जानकारी में भाजपा, सुवेंदु अधिकारी या पुलिस की तरफ से बनर्जी के आरोपों पर किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया का जिक्र नहीं किया गया है।पश्चिम बंगाल में आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है। फिलहाल हुगली की रैली के बाद कल्याण बनर्जी ने अपने आरोपों के जरिए भाजपा और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। वहीं रैली में लोगों की मौजूदगी का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि कथित दबाव के बावजूद लोग तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रम में शामिल हुए और सुवेंदु अधिकारी को पद से हटाने की मांग उठाई।
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