सूडान में फंसे भारतीय लोग भारत पहुंचे, देखें VIDEO...

जानिए क्या है पूरा मामला

Update: 2023-04-26 15:51 GMT
नई दिल्ली। संघर्षग्रस्त सूडान में फंसे 360 भारतीयों को निकालकर जेद्दा से दिल्ली लाया जा रहा है। इससे पहले बुधवार को वायुसेना के दो विमानों ने 250 से अधिक भारतीयों को और सुरक्षित निकालकर जेद्दा पहुंचाया। मंगलवार को नौसेना के जहाज आइएनएस सुमेधा से 278 नागरिकों को जेद्दा लाया गया था। इस तरह आपरेशन कावेरी के तहत अब तक लगभग 530 भारतीय सूडान से सुरक्षित निकालकर जेद्दा पहुंचाए जा चुके हैं।
आपरेशन कावेरी मिशन के तहत सूडान से निकाले गए भारतीयों को सऊदी अरब के जेद्दा शहर में बनाए गए केंद्र पर सभी तरह की आवश्यक सुविधाएं दी जा रही हैं। आइएनएस सुमेधा के बाद वायुसेना के विमान सी-130जे से भारतीयों के दूसरे और तीसरे जत्थे को बुधवार को जेद्दा लाया गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि पहले सी-130जे विमान से 121 लोगों को, इसके बाद 135 लोगों को जेद्दा पहुंचाया गया। बुधवार को उन्होंने ट्वीट किया कि आपरेशन कावेरी तेजी से चल रहा है।
एएनआइ के अनुसार, विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन मिशन को गति देने के लिए जेद्दा पहुंच गए हैं। उन्होंने बुधवार को कहा कि जेद्दा से 360 लोगों को विमान से दिल्ली लाया जा रहा है। सूडान में संघषर्रत सेना और अर्धसैनिक बल के 72 घंटे के संघर्ष विराम के बाद भारत ने फंसे भारतीयों को निकालने की कार्रवाई और तेज कर दी है। मालूम हो कि सूडान में 13 दिन से चल रहे संघर्ष में चार सौ से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, इसमें एक भारतीय भी शामिल है। संघर्ष शुरू होने पर बताया गया था कि सूडान में लगभग तीन हजार से अधिक भारतीय फंसे हुए हैं।
हिंसाग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को निकालने का सिलसिला जारी है। भारतीय वायु सेना के दो परिवहन विमानों के जरिए सूडान से 250 भारतीयों को निकाला गया है। इससे पहले नौसेना के जहाज आईएनएस सुमेधा के माध्यम से इस हिंसाग्रस्त अफ्रीकी देश से 278 नागरिकों को निकाला गया था। सूडान से आने वाले भारतीय हिंसा की दिल दहला देने वाली घटनाओं की आपबीती सुना रहे हैं। सूडान से निकालकर सऊदी अरब के जेद्दा पहुंचाए गए भारतीयों ने बताया कि उनके सीने पर बंदूक रखकर उन्हें 8 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। उन्होंने कहा कि उनके घरों में घुसकर लूटपाट की गई।
एक अन्य नागरिक ने एएनआई से बात करते हुए कहा, "सूडान में अर्धसैनिक बल (आरएसएफ) हमारी कंपनी के करीब थे। सुबह 9 बजे वे हमारी कंपनी में घुसे और फायरिंग शुरू कर दी और हमें लूट लिया। उन्होंने हमें आठ घंटे तक बंधक बनाकर रखा। उन्होंने अपनी बंदूकें हमारे सिर और सीने पर तान रखीं थीं और हमें लूटा। उन्होंने कंपनी में सब कुछ नष्ट कर दिया। उन्होंने फाइलों को भी नष्ट कर दिया और हमारे लैपटॉप और मोबाइल फोन चुरा लिए। इसके बाद हमने दूतावास से संपर्क किया... हमारे पास खाना नहीं था। हम एक गांव में छिपे हुए थे। हमने डीजल की व्यवस्था की और दूतावास से हमें निकालने के लिए बसों की व्यवस्था करने को कहा।”
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