नई दिल्ली: इस हफ़्ते की शुरुआत में ओमान के तट पर अमेरिकी सेना के हमले का शिकार हुए एक जहाज के तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है। हमले के बाद से ही ये नाविक लापता बताए जा रहे थे।
केंद्रीय बंदरगाह, जहाज़रानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि की और इसे "भारत के समुद्री समुदाय के लिए एक बहुत बड़ी क्षति" बताया।
मंत्री ने कहा कि तीनों लापता नाविकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मारे गए नाविकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सोनोवाल ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "पलाऊ के झंडे वाले जहाज़ MT सेटेबेलो पर हुई दुखद घटना के बारे में जानकर बहुत अफ़सोस हुआ। दुख की बात है कि शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीय नाविकों की मौत की पुष्टि हो गई है; उनके शव मिल गए हैं और उनकी पहचान भी कर ली गई है।"
तेल ले जा रहे जहाज़ पर हमले के बाद शुरुआती जानकारी में बताया गया था कि जहाज़ से 21 भारतीय नाविकों को बचाया गया था, जबकि तीन नाविक लापता थे।
केंद्रीय मंत्री ने पलाऊ के झंडे वाले MT सेटेबेलो पर हुई इस दुखद घटना को "बेहद दुर्भाग्यपूर्ण" बताया और कहा कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने 'X' पर पोस्ट में कहा, "मोदी सरकार इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ मज़बूती से खड़ी है और उनके परिजनों की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मैंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बचाए गए क्रू सदस्यों की तुरंत वापसी और मारे गए लोगों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए जल्द से जल्द वापस लाने की व्यवस्था की जाए।"
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना के हमले के समय इस तेल टैंकर पर कुल 28 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें 24 भारतीय और चार विदेशी नागरिक (दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी) शामिल थे। हमले को सही ठहराते हुए अमेरिका ने कहा कि जहाज़ ने तय नियमों का उल्लंघन किया था, इसलिए वह उनकी नज़र में आ गया।