CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- सपा-कांग्रेस ने उपेक्षित रखा, हमने विकास से जोड़ा
लखनऊ : उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू एवं विमुक्त समाज के कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घुमंतू विकास बोर्ड के गठन का निर्णय लिया है। इस फैसले के उपलक्ष्य में गुरुवार को लखनऊ में आयोजित आभार एवं अभिनंदन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वर्ष 2014 में दिए गए “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को धरातल पर उतारते हुए प्रदेश सरकार बिना किसी भेदभाव के हर पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड का गठन केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह उन समुदायों को सम्मान, सुरक्षा और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है, जिन्हें वर्षों तक उपेक्षा और असमानता का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि अब घुमंतू एवं विमुक्त समाज के लोगों को अपनी समस्याओं और अधिकारों के लिए दर-दर भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करेगी।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा कहते हैं कि जिन लोगों को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने कभी महत्व नहीं दिया, उन्हें सम्मान देकर समाज की मुख्यधारा में लाने का कार्य डबल इंजन सरकार ने किया है। सरकार जनता को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि जनार्दन मानती है और इसी भावना के साथ सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजी शासन ने वर्ष 1871 में बनाए गए क्रिमिनल ट्राइब एक्ट के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कई समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया था। आजादी के बाद संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इस अन्यायपूर्ण कानून को समाप्त कर इन समुदायों को विमुक्त जाति का सम्मान दिलाया, लेकिन लंबे समय तक इनके समग्र विकास के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय स्तर पर इन समुदायों के लिए आयोग का गठन किया गया और अब उत्तर प्रदेश सरकार ने घुमंतू विकास बोर्ड बनाकर उनके विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि घुमंतू समाज के सम्मेलन में बोर्ड गठन की मांग उठाई गई थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से स्वीकार करते हुए पूरा किया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की संरचना इस प्रकार तैयार की जाएगी, जिसमें विभिन्न घुमंतू एवं विमुक्त जातियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। इससे समाज की समस्याएं सीधे सरकार तक पहुंचेंगी और उनके समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पहले ही वनटांगिया, मुसहर, थारू, गौड़, चेरो, बुक्सा, कोल और सहरिया जैसे वंचित समुदायों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ चुकी है। इन समुदायों को राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, भूमि के पट्टे और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे और प्रत्येक परिवार तक विकास की रोशनी पहुंचे।
कार्यक्रम में समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने मुख्यमंत्री के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि घुमंतू विकास बोर्ड शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से समाज तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि बोर्ड के गठन के बाद एक विशेष कार्यदल का गठन किया जाएगा, जो घुमंतू एवं विमुक्त समाज के समग्र विकास के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करेगा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
समारोह के दौरान सपेरा समाज के कलाकारों ने पारंपरिक बीन वादन के माध्यम से मुख्यमंत्री का स्वागत किया और घुमंतू विकास बोर्ड के गठन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विभिन्न घुमंतू एवं विमुक्त समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। सरकार का मानना है कि इस पहल से लंबे समय से उपेक्षित समाज को नई पहचान, सम्मान और विकास के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बन सकेंगे।