रायपुर में बड़ी डकैती की साजिश नाकाम, पुलिस ने वारदात से पहले किया 3 लोगों को गिरफ्तार
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Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस की सतर्कता और प्रोएक्टिव पुलिसिंग के चलते एक बड़ी डकैती की वारदात होने से पहले ही टल गई। गुढ़ियारी थाना पुलिस ने पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स में डकैती की योजना बना रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो चाकू, तीन मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से करोड़ों रुपये के आभूषणों की संभावित डकैती को रोका जा सका।
पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में रायपुर पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत गुढ़ियारी थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ संदिग्ध युवक रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के पीछे नए रोड के पास एक बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर तीन युवकों को हिरासत में ले लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो चाकू, तीन मोबाइल फोन तथा 2,500 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके बाद सभी को गुढ़ियारी थाना लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स में रात के समय डकैती की योजना बना रहे थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले पूरी तैयारी की थी। उन्होंने 1 अप्रैल 2026 को कल्याण ज्वेलर्स की रेकी की थी। इस दौरान दुकान की सुरक्षा व्यवस्था, आसपास के रास्ते, आने-जाने के मार्ग, सीसीटीवी कैमरों की स्थिति और संभावित भागने के रास्तों की जानकारी जुटाई गई थी। आरोपियों ने रेकी के दौरान ली गई तस्वीरें अपने फरार साथियों के साथ मोबाइल के जरिए साझा की थीं और लगातार संपर्क में रहकर पूरी योजना तैयार की जा रही थी।
गुढ़ियारी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 321/2026 दर्ज किया है। उनके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(4) (डकैती का प्रयास) तथा आम्र्स एक्ट की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर पूरे गिरोह की गतिविधियों की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवांश शर्मा (19 वर्ष) निवासी सागरपुर, दिल्ली, सुशांत कुमार पासवान (19 वर्ष) निवासी नजफगढ़, दिल्ली तथा मयंक सिंह (19 वर्ष) निवासी सिकंदरपुर, जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, तीनों युवकों से पूछताछ जारी है और उनके फरार साथियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी मोबाइल के माध्यम से लगातार गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क में थे और रेकी की तस्वीरें साझा कर वारदात की रणनीति तैयार कर रहे थे। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि आरोपियों को हथियार कहां से मिले, क्या वे पहले भी किसी आपराधिक घटना में शामिल रहे हैं और इस गिरोह का संबंध किसी बड़े अपराधी नेटवर्क से तो नहीं है। मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की भी जांच की जा रही है।
रायपुर पुलिस का कहना है कि प्रोएक्टिव पुलिसिंग के कारण इस बड़ी वारदात को समय रहते रोक लिया गया। यदि आरोपी अपने मंसूबों में सफल हो जाते तो राजधानी में बड़ी डकैती की घटना सामने आ सकती थी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शहर में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और अपराध की योजना बनाने वालों के खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी कार्रवाई में डीसीपी उत्तर दीपमाला कश्यप, एडीसीपी उत्तर आदित्य पांडेय तथा एसीपी उरला पूर्णिमा लामा के निर्देशन में गुढ़ियारी थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार साहू सहित उप निरीक्षक कैलाश केशरवानी, पीएसआई वरदान सिंह, सहायक उप निरीक्षक नरेश देवांगन तथा पुलिस टीम के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। फिलहाल गुढ़ियारी थाना पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।