शासकीय योजनाओं से संवरा भविष्य, स्वावलंबन की मिसाल बनी दुर्गेश्वरी धीवर
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Durg. दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्षाे में सेवा और समर्पण के साथ कार्य करते हुए समाज के हर वर्ग के विकास और कल्याण के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। इसी कड़ी में दुर्ग जिले के ग्राम भरर की रहने वाली दुर्गेश्वरी धीवर का जीवन छोटे-छोटे बच्चों की परवरिश और घर की जिम्मेदारियों के बीच बीत रहा था। बच्चे बहुत छोटे होने के कारण उनके लिए घर से बाहर जाकर मजदूरी या कोई काम करना संभव नहीं था। मन में परिवार का सहारा बनने की इच्छा तो थी, लेकिन सही रास्ते और साधन की कमी आड़े आ रही थी। मार्च 2024 में जब महतारी वंदन योजना की शुरुआत हुई, तो दुर्गेश्वरी के जीवन में एक नया मोड़ आया। योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता उनके लिए केवल सहायता राशि नहीं, बल्कि अपने सपनों को साकार करने की एक उम्मीद की किरण बन गई। दुर्गेश्वरी ने इस राशि को व्यर्थ खर्च करने के बजाय समझदारी से इस्तेमाल करने का फैसला किया। वे हर महीने मिलने वाली राशि से थोड़ी-थोड़ी बचत करने लगीं।
अपनी इसी छोटी-छोटी बचत से उन्होंने सिलाई मशीन खरीद ली और घर पर ही एक छोटा सा सिलाई व्यवसाय शुरू कर दिया। आज दुर्गेश्वरी आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा चुकी हैं। वे अपने गांव और आस-पास के क्षेत्रों से स्कूल यूनिफॉर्म की सिलाई के ऑर्डर लेती हैं और लगन से काम करके अपने परिवार की जरूरतों को पूरा कर रही हैं। जो हाथ कल तक सिर्फ जिम्मेदारियों से बंधे थे, आज सिलाई मशीन की सुई के साथ अपने परिवार के बेहतर भविष्य की सिलाई कर रही है। दुर्गेश्वरी कहती हैं मेरे बच्चे छोटे थे, इसलिए मैं काम करने बाहर नहीं जा सकती थी। लेकिन महतारी वंदन योजना से मिले पैसे ने मुझे अपने ही घर में आत्मनिर्भर बनने का नया रास्ता दिखाया। अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर देने और महिलाओं के जीवन में यह बड़ा बदलाव लाने के लिए दुर्गेश्वरी माननीय मुख्यमंत्री जी का हृदय से बहुत-बहुत धन्यवाद व्यक्त करती हैं।