Delhi दिल्ली। भारत और South Korea के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित भारत-कोरिया बिजनेस लीडर्स डायलॉग में दोनों देशों के बीच साझेदारी की अपार संभावनाओं पर जोर दिया गया। इस संवाद में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाकर साझा विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।
बैठक के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि भारत और कोरिया के बीच औद्योगिक, तकनीकी और निवेश के क्षेत्र में सहयोग को और विस्तार देने की आवश्यकता है। दोनों देशों ने सप्लाई चेन को मजबूत करने, वैश्विक चुनौतियों से निपटने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई।
संवाद में भविष्य के क्षेत्रों—जैसे उन्नत प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इकोनॉमी—में साझेदारी को प्राथमिकता देने की बात कही गई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन सेक्टरों में सहयोग से न केवल आर्थिक विकास को गति मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इसके अलावा, युवाओं के लिए कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों देशों ने स्टार्टअप, रिसर्च और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत दिए। भारत ने इस अवसर पर अपने तेजी से बढ़ते बाजार और निवेश के अनुकूल माहौल को रेखांकित किया, वहीं कोरिया ने तकनीकी
विशेषज्ञता
और विनिर्माण क्षमता के जरिए सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-कोरिया आर्थिक संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक गहराई प्राप्त कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। यह संवाद द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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