नई दिल्ली: शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, ब्यूनस आयर्स में हुई भारत-अर्जेंटीना संयुक्त व्यापार समिति की चौथी बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2025 की यात्रा के दौरान तय किए गए रोडमैप पर हुई प्रगति की समीक्षा की गई और रणनीतिक व आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई।
बैठक में माइनिंग, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा हुई और अर्जेंटीना के लिथियम सेक्टर में भारत की कंपनी KABIL की उल्लेखनीय प्रगति पर ध्यान दिया गया।
अर्जेंटीना में किसी भारतीय कंपनी की पहली लिथियम माइनिंग पहल के तहत, कैटामार्का में KABIL की माइनिंग गतिविधियों में फेज-II की ड्रिलिंग पूरी होने के साथ काफी प्रगति हुई है।
बयान में कहा गया है कि रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए साल्टा और जुजुय प्रांतों में भी आगे सहयोग के अवसरों पर विचार किया जा रहा है।
भारतीय फार्मास्युटिकल उत्पादों के लिए बाजार तक पहुंच आसान बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। अर्जेंटीना ने अपने फार्मास्युटिकल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के तहत भारत को 'एनेक्स II' से 'एनेक्स I' श्रेणी में अपग्रेड करने और बाजार में प्रवेश की बाधाओं को कम करने की दिशा में काम करने का वादा किया है।
इस कदम से भारतीय फार्मास्युटिकल कंपनियों को अधिक अवसर मिलेंगे और अर्जेंटीना में अच्छी गुणवत्ता वाली और किफायती हेल्थकेयर तक पहुंच बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
अर्जेंटीना की ANMAT (नेशनल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ ड्रग्स, फूड एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी) और भारत की CDSCO (सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन) के बीच 2019 में हुए समझौते (MoU) को आगे बढ़ाते हुए, दोनों पक्षों ने आयुर्वेद और योग में संयुक्त पहलों के माध्यम से सहयोग करने का वादा किया।
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के बयान के अनुसार, 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 6.5 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जिसमें सालाना 17 प्रतिशत से अधिक की लगातार वृद्धि दर्ज की गई, और भारत अब अर्जेंटीना का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है।
चर्चाओं में अर्जेंटीना के बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों के प्रवेश को आसान बनाने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति पर भी ध्यान दिया गया। भारतीय प्याज, दूध और दुग्ध उत्पादों, अंगूर, आलू, केले और दालों के संबंध में सैनिटरी और फाइटोसैनिटरी (SPS) उपायों पर तकनीकी स्तर की चर्चाओं में प्रगति हुई है, जो उनके बाजार तक पहुंच की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उम्मीद है कि इन घटनाक्रमों से भारतीय किसानों और निर्यातकों के लिए अधिक अवसर पैदा होंगे, द्विपक्षीय कृषि व्यापार मजबूत होगा और 'विकसित भारत 2047' के भारत के व्यापक लक्ष्य को हासिल करने में योगदान मिलेगा।
एविएशन, स्पेस टेक्नोलॉजी, टेलीकम्युनिकेशन और डिजिटल सेवाओं को ऐसे क्षेत्रों के रूप में पहचाना गया जहां द्विपक्षीय सहयोग के और अवसर हैं, खासकर 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में।
Tags: