Delhi दिल्ली। लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली के संसद पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि स्वतंत्र भारद्वाज ने राजनीतिक लाभ और संरक्षण हासिल करने के लिए केंद्रीय मंत्री एवं LJP (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान के नाम का गलत तरीके से इस्तेमाल किया। पार्टी की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में पुलिस से स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी अनुरोध किया गया है कि आधिकारिक रिकॉर्ड में यह स्पष्ट किया जाए कि इस पूरे मामले से पार्टी या उसके अध्यक्ष चिराग पासवान का कोई संबंध नहीं है।
LJP (राम विलास) का कहना है कि किसी व्यक्ति द्वारा किसी राजनीतिक नेता का नाम लेना या उनसे संपर्क होने का दावा करना किसी निजी संबंध का प्रमाण नहीं माना जा सकता। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्वतंत्र भारद्वाज ने अपने प्रभाव को बढ़ाने के लिए चिराग पासवान के नाम का इस्तेमाल किया। पार्टी ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच करने और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। शिकायत में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक रूप से किसी नेता के नाम का गलत इस्तेमाल करता है तो इससे राजनीतिक छवि प्रभावित होती है और जनता के बीच गलत संदेश जाता है।
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब स्वतंत्र भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में चिराग पासवान से संपर्क होने का दावा किया था। इसके बाद चिराग पासवान ने भी सफाई देते हुए कहा था कि उनका स्वतंत्र भारद्वाज से कोई निजी संबंध नहीं है। चिराग पासवान ने कहा था कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं से रोजाना कई लोग मिलते हैं। लोग अपनी समस्याएं और सुझाव लेकर नेताओं के पास आते हैं। ऐसे में किसी नेता से मुलाकात को व्यक्तिगत रिश्ते के रूप में पेश करना गलत है।
उन्होंने यह भी कहा था कि अगर कोई व्यक्ति गंभीर आरोपों या किसी घटना में शामिल है तो कानून को अपना काम करना चाहिए। चिराग ने पुलिस से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की थी। LJP (राम विलास) की शिकायत के बाद अब पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर सकती है। जांच के दौरान पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों, उपलब्ध रिकॉर्ड और संबंधित बयानों की पड़ताल करेगी। राजनीतिक हलकों में भी यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी ऐसे दावे या गतिविधि से खुद को अलग रखती है, जिसमें उसके नेताओं के नाम का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया हो।
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