Mirzapur. मिर्जापुर। जिले की कलेक्ट्रेट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति को फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर के रूप में पकड़ा गया। आरोपी की वर्दी, व्यवहार और हावभाव को देखकर लोगों को पहले ही शक हो गया था, जिसके बाद मौके पर ही उसे रोककर पूछताछ की गई और बाद में उसकी पहचान फर्जी इंस्पेक्टर के रूप में सामने आई। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने पुलिस जैसी वर्दी पहन रखी थी। उसकी वर्दी ढीली थी, कंधे पर सिंगल स्टार लगा हुआ था और चाल-ढाल भी पुलिस अधिकारी जैसी दिखाई दे रही थी। हालांकि उसके बालों का स्टाइल और दाढ़ी, साथ ही वर्दी पहनने का तरीका लोगों को असामान्य लगा, जिससे कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद कुछ लोगों को उस पर संदेह हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी काफी देर तक कलेक्ट्रेट परिसर में घूमता रहा और खुद को इंस्पेक्टर की तरह प्रस्तुत कर रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसकी गतिविधियों पर ध्यान दिया और उससे पहचान पत्र दिखाने को कहा। जवाब देने में असमर्थ रहने पर शक और गहरा गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर उसे मौके पर ही रोक लिया और पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी के पास पुलिस विभाग से जुड़ा कोई वैध दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी खुद को इंस्पेक्टर बताकर लोगों पर रौब झाड़ने की कोशिश कर रहा था। हालांकि वह किस उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर में आया था और वह कितने समय से इस तरह की हरकतें कर रहा था, इसकी जांच की जा रही है। फर्जी इंस्पेक्टर की पहचान और उसके आपराधिक इतिहास की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कहीं वह पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल तो नहीं रहा है।
इस घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि सरकारी परिसर में इस तरह का व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहनकर आसानी से घूम रहा था, जो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों की सतर्कता से एक बड़ा फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ में आ गया, जिससे संभावित किसी बड़ी घटना को टाला जा सका।