Bilaspur. बिलासपुर। एचपी शिवा परियोजना के तहत कलस्टर प्रणाली के तहत किसानों द्वारा उत्पादित फू्रट्स के विक्रय के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर कार्य शुरू किया गया है। प्रदेश में दुग्ध क्षेत्र की अग्रणी कामधेनू संस्था के साथ एचपी शिवा परियोजना का टाईअप हुआ है जिसके तहत शुरूआती चरण में ट्रायलबेस पर बिलासपुर जिला के नम्होल स्थित काउंटर पर एचपी शिवा के उन्नत किस्म के उत्पाद संतरा व माल्टा इत्यादि को विक्रय के लिए रखा गया है जबकि रिजल्ट बेहतर आने के बाद प्रदेश भर में संचालिक सभी काउंटर्स पर सेल के लिए उत्पाद रखे जाएंगे। इन उत्पादों की बिक्री पर कामधेनू संस्था अपना कमीशन काटकर पैसा सीधे किसानों के खातों में जमा करवाएगी।
यदि यह ट्रायल सक्सेस रहता है तो फिर एचपी शिवा के उत्पाद प्रदेश में संचालित कामधेनू संस्था के सभी काउंटर्स पर विक्रय के लिए रखे जाएंगे। इससे किसानों को घरद्वार पर ही उनके उत्पादों के उचित दाम मिलेंगे और उत्पादों के विपणन के लिए भी एक बेहतर बाजार उपलब्ध हो सकेगा क्योंकि कामधेनू संस्था के काउंटर्स पर दूध, दही व इससे निर्मित उत्पादों और मिठाईयों का जबरदस्त कारोबार है। कामधेनु संस्था ने एचपी शिवा के अंतर्गत उत्पादित वस्तुओं को खरीदने में विशेष रुचि व्यक्त की तथा अपने संस्था काउंटरों के माध्यम से इन उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी सहमति जताई। एचपी शिवा के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. देवेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा था कि हमारा उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाना और उन्हें सीधे बाजार से जोडऩा है। कामधेनु संस्था जैसे संगठनों के सहयोग से हम स्थानीय उत्पादों की पहुंच को राज्य से बाहर तक विस्तारित कर पाएंगे।