Bilaspur. बिलासपुर। एचपी शिवा परियोजना को अब मनरेगा से जोड़ा जाएगा। इस बाबत बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी अफसरों को निर्देश जारी किए हैं। इसका लाभ यह होगा कि मनरेगा कार्यों में स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। इसके अलावा बागवानों से नियमित फीडबैक लेकर परियोजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। यह खुलासा बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने जिला के मझेड़ व करोट कलस्टर के निरीक्षण के दौरान मीडिया से बातचीत में किया है। मंत्री जगत सिंह नेगी ने रविवार को बिलासपुर जिले के अंतर्गत एचपी शिवा परियोजना के तहत विकसित कोठी मझेड़ और करोट कलस्टरों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय बागवानों से संवाद कर परियोजना के जमीनी प्रभाव और कार्यान्वयन की गहन समीक्षा की। मंत्री ने बागबानों से आह्वान किया कि वे योजना की निगरानी और गुणवत्ता पर स्वयं भी नजर रखें, जिससे परियोजना की पारदर्शिता बनी रहे और उसका दीर्घकालिक लाभ मिल सके।
निरीक्षण के दौरान बागवानों ने कलस्टरों में जल आपूर्ति की कमी को प्रमुख समस्या के रूप में उठाया। इस पर मंत्री ने जल शक्ति विभाग के अफसरों को निर्देश दिए कि पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए । मंत्री ने बागवानों से आह्वान किया कि वे योजना की निगरानी और गुणवत्ता पर स्वयं भी नजर रखें । उन्होंने बताया कि एचपी शिवा परियोजना के तहत प्रदेश के बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों में अमरूद, संतरा, लीची और पलम की खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे 15,000 से अधिक किसान परिवारों को लाभ पहुंचेगा और उन्हें उपयुक्त बाजार से जोड़ा जाएगा। मंत्री के अनुसार परियोजना के अंतर्गत 162 उठाऊ सिंचाई योजनाएं विकसित की जा रही हैं। मंत्री ने जैन सिंचाई कंपनी और संबंधित अधिकारियों को स्प्रिंकलर प्रणाली की स्थापना का भी निर्देश दिया । इस अवसर पर एचपी शिवा परियोजना के प्रोजेक्ट डायरेक्टर देवेंद्र सिंह ठाकुर, सहायक प्रोजेक्ट डायरेक्टर डा. रमल अंगारिया, एसडीएम सदर अभिषेक गर्ग, डीएसपी मदन धीमान व अन्य उपस्थित रहे।