योगी सरकार के सुशासन पर जोर, कानून-व्यवस्था से विकास तक बदली यूपी की तस्वीर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार अपने शासन मॉडल में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे, निवेश और रोजगार को प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में प्रस्तुत कर रही है। सरकार की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि मजबूत कानून-व्यवस्था और निवेश के अनुकूल माहौल के जरिए उत्तर प्रदेश को आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, पिछले वर्षों में प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्लस्टर और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विस्तार पर जोर दिया गया है। मार्च 2026 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर कहा था कि उत्तर प्रदेश ने इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित राज्य के रूप में तेजी से बदलाव किया है। उन्होंने कानून-व्यवस्था में सुधार और अपराध के खिलाफ सख्त नीति को भी सरकार की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल किया।
निवेश के क्षेत्र में भी राज्य सरकार ने कई नीतियां लागू की हैं। Invest UP के अनुसार, प्रदेश में उद्योगों और निवेश को बढ़ावा देने के लिए 20 से अधिक सेक्टर आधारित नीतियां मौजूद हैं। इनमें औद्योगिक निवेश, स्टार्टअप, डेटा सेंटर और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी नीतियां शामिल हैं। सरकार का दावा है कि इन नीतियों का उद्देश्य कारोबार को आसान बनाना और नए निवेश के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। मार्च 2026 में मुख्यमंत्री ने 'निवेश मित्र 3.0' की शुरुआत करते हुए 45 कंपनियों को प्रोत्साहन वितरित किए और 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट दिए। Invest UP द्वारा प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इन प्रस्तावों से करीब 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश और लगभग 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की बात कही गई थी।
कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार ने पुलिसिंग में तकनीक के इस्तेमाल, साइबर पुलिस स्टेशनों, फोरेंसिक सुविधाओं और कमिश्नरेट व्यवस्था जैसे कदमों का भी उल्लेख किया है। मुख्यमंत्री ने मार्च 2026 में कहा था कि प्रदेश के सभी जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन और थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। वहीं, सरकार की आर्थिक रणनीति में रोजगार और औद्योगिक विकास को भी प्रमुख स्थान दिया गया है। Invest UP के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नीतिगत सुधारों के साथ सिंगल-विंडो सिस्टम और डिजिटल प्रक्रियाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य निवेश के साथ विनिर्माण, MSME और अन्य क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। कुल मिलाकर, योगी सरकार अपने कार्यकाल को कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश और रोजगार से जोड़कर प्रस्तुत कर रही है। सरकार समर्थक संदेशों में इसे 'सुशासन' और 'विकास' के मॉडल के रूप में बताया जाता है, जबकि इन दावों का वास्तविक मूल्यांकन अलग-अलग आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक आंकड़ों के आधार पर किया जा सकता है।