MOHALI मोहाली: पंजाब के मोहाली में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रियल एस्टेट कंपनी TDI Infratech के सेक्टर-119 स्थित कार्यालय पर कार्रवाई की है। ED की टीम ने सोमवार को सुबह करीब 11 बजे कंपनी के दफ्तर में पहुंचकर दस्तावेजों, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 15 अधिकारियों की टीम कार्रवाई में शामिल थी और तलाशी देर रात तक जारी रही। ED की यह कार्रवाई PR-6 रोड प्रोजेक्ट से जुड़ी जमीन के मुआवजे में कथित अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में बताई जा रही है। PR-6 मोहाली में प्रस्तावित करीब 200 फीट चौड़ी मुख्य सड़क है, जो एयरपोर्ट रोड के सेक्टर-117 को बनूड़-लांडरां रोड से जोड़ने की योजना का हिस्सा है।


सेक्टर-119 के दफ्तर में दस्तावेजों की जांच
कार्रवाई के दौरान ED अधिकारियों ने TDI Infratech के कार्यालय में मौजूद रिकॉर्ड, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने कंपनी के कर्मचारियों और अधिकारियों के मोबाइल फोन भी अपने कब्जे में लिए थे। शुरुआती जांच के बाद कुछ कर्मचारियों के फोन वापस किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, TDI Infratech के वाइस प्रेसिडेंट रोहित गोगिया भी कार्रवाई के दौरान कार्यालय में मौजूद थे। अधिकारियों ने कार्यालय के CCTV रिकॉर्डिंग की भी जांच की। तलाशी लंबी चलने के कारण शाम के समय परिसर में गद्दे लाए जाने की बात भी सामने आई।
जमीन मुआवजे से जुड़ा क्या है मामला?
ED की कार्रवाई के पीछे जमीन अधिग्रहण और मुआवजे से जुड़ा विवाद बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मास्टर प्लान के तहत आने वाली जमीन को Change of Land Use (CLU) मिलने के बाद कथित तौर पर कुछ जमीन रिश्तेदारों के नाम ट्रांसफर की गई। आरोप की जांच इस पहलू से भी जुड़ी है कि इन ट्रांसफर के जरिए जमीन के लिए किसानों के बराबर मुआवजा हासिल करने की कोशिश की गई या नहीं। Greater Mohali Area Development Authority यानी GMADA ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अप्रैल 2026 में दाखिल एक हलफनामे में आरोप लगाया था कि TDI Infratech ने 14 अक्टूबर 2020 की अधिग्रहण अधिसूचना के बाद छह एकड़ से अधिक जमीन ट्रांसफर की थी। GMADA के अनुसार, इससे मुआवजे की राशि करीब 14 करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 21 करोड़ रुपये हो गई, यानी सार्वजनिक खजाने पर करीब 6 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ सकता था। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगी। ED की ओर से कार्रवाई के संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान फिलहाल सामने नहीं आया है।
PR-6 प्रोजेक्ट भी विवादों में
PR-6 रोड प्रोजेक्ट को लेकर जमीन अधिग्रहण और मुआवजे का विवाद पहले से अदालत में है। रिपोर्ट के मुताबिक, TDI ने 2022 में हाईकोर्ट का रुख किया था और किसानों के बराबर मुआवजे की मांग की थी। विवाद के चलते सड़क परियोजना का काम भी प्रभावित हुआ है। ED की ताजा कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब एजेंसी इससे पहले GMADA से जुड़े परिसरों में भी लंबी तलाशी कर चुकी है। अब TDI Infratech के कार्यालय से मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच के जरिए एजेंसी कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े लेन-देन और जमीन हस्तांतरण की कड़ियों को खंगाल सकती है। फिलहाल ED की जांच जारी है और कार्रवाई से जुड़े अन्य विवरणों का इंतजार है। कंपनी या संबंधित पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
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