Paonta Sahib. पांवटा साहिब। क्षेत्रीय बागवानी अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र (आरएचआरटीएस) धौलाकुआं में लीची एवं आम दिवस के अवसर पर नेचर पार्क की आधारशिला रखी गई। कार्यक्रम में बागवानी अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की आय बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई। मुख्यातिथि डा. वाईएस परमार बागबानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के कुलपति डा. हरमिंदर सिंह बवेजा ने कहा कि लीची और आम जैसी फसलों पर किसान केंद्रित अनुसंधान से आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
उन्होंने बांस की खेती को भूमि संरक्षण, रोजगार और सतत विकास का प्रभावी माध्यम बताया। कुलपति ने मधुमक्खी पालन को सहायक उद्यम के रूप में अपनाने तथा लहसुन उत्पादन की गुणवत्ता सुधारकर उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। इस अवसर पर प्रेस क्लब पांवटा साहिब के अध्यक्ष राजेंद्र तिवारी ने औद्योगीकरण और खनन से हो रहे पर्यावरणीय नुकसान पर चिंता जताते हुए बड़े स्तर पर बांस रोपण की आवश्यकता बताई। वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रस्तावित नेचर पार्क में स्थानीय वृक्ष प्रजातियों, औषधीय पौधों और पक्षी आवासों का संरक्षण किया जाएगा, जिससे छात्रों और आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक जानकारी मिल सकेगी।