गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से स्कूल में अनुशासन और अभिभावक के गुस्से से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गोला थाना क्षेत्र के एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में देर से पहुंचने पर कक्षा छठवीं की छात्रा को प्रिंसिपल ने करीब पांच मिनट तक मुर्गा बनने की सजा दी। छात्रा ने घर पहुंचकर इसकी जानकारी अपने पिता को दी। अगले दिन छात्रा का पिता स्कूल पहुंचा और प्रिंसिपल से सजा देने की वजह पूछने के बाद विवाद करने लगा। आरोप है कि उसने प्रिंसिपल के साथ गाली-गलौज और मारपीट की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
देर से स्कूल पहुंची थी छात्रा
मामला गोला थाना क्षेत्र के खिरकिटा दुबे स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय का है। जानकारी के मुताबिक, कक्षा छठवीं में पढ़ने वाली एक छात्रा 1 सितंबर को निर्धारित समय के बाद स्कूल पहुंची थी। स्कूल में देर से आने को अनुशासनहीनता मानते हुए प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार ने उसे करीब पांच मिनट तक मुर्गा बनने की सजा दी।
सजा पूरी करने के बाद छात्रा अपनी कक्षा में चली गई। स्कूल की छुट्टी होने के बाद वह घर पहुंची और उसने अपने पिता दिलीप कुमार को स्कूल में हुई पूरी घटना के बारे में बताया। बेटी की बात सुनने के बाद पिता अगले दिन स्कूल पहुंचा।
प्रिंसिपल से सवाल करने के बाद शुरू हुआ विवाद
आरोप है कि 3 सितंबर को दिलीप कुमार स्कूल परिसर में पहुंचा और प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार से बेटी को सजा देने का कारण पूछा। प्रिंसिपल ने उसे बताया कि छात्रा स्कूल देर से पहुंची थी और इसी वजह से उसे सजा दी गई थी। बताया गया है कि कारण जानने के बाद भी दिलीप शांत नहीं हुआ। आरोप है कि उसने प्रिंसिपल के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर मारपीट करने लगा। इस दौरान स्कूल परिसर में मौजूद सामान भी इधर-उधर फेंका गया।
स्टाफ ने रोकने की कोशिश की
घटना के दौरान स्कूल के कर्मचारियों ने आरोपी को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माना। आरोप है कि विवाद बढ़ने के दौरान उसने प्रिंसिपल के कपड़े भी फाड़ दिए।
मामला बिगड़ता देख आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप किया और किसी तरह आरोपी को स्कूल परिसर से बाहर निकाला। इसके बाद घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। प्रिंसिपल की ओर से पुलिस को लिखित शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
पेंट-पॉलिश का काम करता है आरोपी
इस मामले में एक और बात सामने आई है। स्कूल स्टाफ के मुताबिक, दिलीप कुमार पेंट-पॉलिश का काम करता है और कुछ दिन पहले वह स्कूल में पेंट-पॉलिश का ठेका लेने के लिए आया था। हालांकि, स्कूल की जरूरत और निर्धारित मानकों के अनुरूप बात नहीं बनने के कारण उसे काम का ठेका नहीं दिया गया। स्कूल स्टाफ की ओर से आशंका जताई गई है कि ठेका नहीं मिलने की बात को लेकर भी दिलीप के मन में नाराजगी रही होगी। हालांकि, पुलिस की जांच में इस पहलू की पुष्टि होना अभी बाकी है।
पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया..
गोला थाना प्रभारी चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि प्रिंसिपल जितेंद्र कुमार की तहरीर के आधार पर दिलीप कुमार के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से आरोपी फरार है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। थाना प्रभारी ने कहा कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल इस घटना ने स्कूल में छात्र अनुशासन को लेकर अपनाई जाने वाली सजा और अभिभावकों के रवैये, दोनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Tags: