फेसबुक बना साइबर क्रिमिनल्स का अड्डा, महिला के बैंक खाते से 31 लाख उड़ाया

जानें पूरा मामला.

Update: 2025-12-09 05:52 GMT
नई दिल्ली: साइबर ठगी का एक नया केस सामने आया है, जहां विक्टिम महिला को बड़ी ही चालाकी से शिकार बनाया. महिला के बैंक खाते से टोटल 31 लाख रुपये उड़ा लिए गए. साइबर ठगी का यह मामला कर्नाटक के उडुपी शहर की रहने वाली महिला के साथ हुआ है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, साइबर ठगी की शुरुआत फेसबुक पोस्ट से शुरू होती है, जो उन्होंने 29 नवंबर को देखी थी. पोस्ट में वर्क फ्रॉम होम पर रहते हुए कमाई का ऑप्शन दिया था, तो महिला ने उस पर क्लिक कर दिया. इसके बाद विक्टिम महिला के पास एक शख्स का कॉल आता है, जो खुद को NSE कॉर्पोरेट ऑफिस का HR बताता है
तथाकथित HR ने महिला को WhatsApp पर बात करने की सलाह दी. इसके बाद बातचीत टेलिग्राम ग्रुप तक पहुंच गईं. इस दौरान महिला को एक डिजिटल फॉर्म प्रोवाइड कराया गया है और फॉर्म कंप्लीट करने को कहा. साथ ही दावा किया कि वह सिंपल टास्क की मदद से अच्छी कमाई कर सकती हैं.
स्कैमर्स ने महिला का भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में टास्क कंप्लीट करने पर छोटी रकम को रिटर्न कर दिया. महिला ने शुरुआत में UPI QR Code के जरिए 1 हजार रुपये और 2 हजार रुपये लगाए. इसके बाद महिला को 3,900 रुपये रिसीव हुए. इसके बाद विक्टिम महिला को यकीन हो गया कि यह काम सही है और वह आगे काम कर सकती हैं.
इसके बाद विक्टिम महिला को रातों-रात अमीर बनने का प्लान बताया गया, जिसमें कुछ रकम लगाने के बाद हाई रिटर्न मिलेगा. इसके बाद स्कैमर्स के कहने पर विक्टिम महिला ने अलग-अलग बैंक अकाउंट में रकम ट्रांसफर कर दी.
विक्टिम ने हाई प्रोफिट के लालच में टोटल 31 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. एक बार मोटी रकम भेजने के बाद साइबर स्कैमर्स ने अपने कॉन्टैक्ट नंबर को बंद कर दिया और महिला को कोई रिटर्न नहीं मिला. महिला ने बहुत सी कोशिश की, लेकिन वह कॉन्टैक्ट नहीं कर पाईं.
आखिर में जाकर महिला को समझ आया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं. इसके बाद विक्टिम महिला ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और कंप्लेंट दर्ज कराई. सरकारी एजेंसियां भी टास्क स्कैम से दूर रहने की सलाह देती हैं.
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