राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर हर दमनकारी

Update: 2026-07-23 10:52 GMT
शिमला। उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के पर लाठीचार्ज तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित कांग्रेस नेताओं के साथ किए गए व्यवहार की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण ढंग से रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। छात्रों की आवाज सुनने के बजाय उन पर बल प्रयोग करना और विपक्ष के नेताओं को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा है कि देश का युवा भर्ती परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और अपने भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त कर रहा है। ऐसे समय में सरकार का दायित्व उनकी बात सुनना और समस्याओं का समाधान करना है, न कि लाठी और हिरासत के माध्यम से उनकी आवाज दबाने का प्रयास करना।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संघर्ष, जनसरोकार और लोकतांत्रिक मूल्यों की राजनीति का सशक्त प्रतीक हैं। उन्हें रोकने के लिए पहले भी अनेक प्रयास किए गए, लेकिन वे हर परिस्थिति में देश के युवाओं, किसानों, मजदूरों, महिलाओं और वंचित वर्गों के मुद्दों को संसद से लेकर सडक़ तक पूरी मजबूती से उठाते रहे हैं। सत्य और जनहित की आवाज को किसी भी दमनकारी कार्रवाई से दबाया नहीं जा सकता। उप-मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के समर्थन में पहुंचीं प्रियंका गांधी वाड्रा और महिला सांसदों को हिरासत में लेना तथा उनके साथ किया गया व्यवहार भी बेहद निंदनीय है।
लोकतंत्र में असहमति का सम्मान किया जाता है, उसे बल प्रयोग से कुचलने का प्रयास नहीं किया जाता। यह घटनाक्रम केंद्र सरकार की असहिष्णुता और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उसके दृष्टिकोण को उजागर करता है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। छात्रों, युवाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस का संघर्ष पहले भी जारी था और आगे भी पूरी ताकत के साथ जारी रहेगा। सत्ता के बल पर आवाजों को दबाने की कोशिश कभी सफल नहीं हो सकती, क्योंकि लोकतंत्र में अंतत: जनता की आवाज ही सबसे बड़ी ताकत होती है।
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