CJP हिंसा के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई, पासपोर्ट रद्द करने की तैयारी

Update: 2026-07-23 12:42 GMT

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस उन लोगों के पासपोर्ट रद्द करने के विकल्प पर विचार कर रही है, जो प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिसकर्मियों पर हमले और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने में सीधे तौर पर शामिल पाए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य ऐसे लोगों पर कानूनी दबाव बढ़ाना और भविष्य में हिंसक गतिविधियों पर रोक लगाना है।

यह कार्रवाई जंतर-मंतर इलाके में हुए उस हिंसक घटनाक्रम के बाद सामने आई है, जिसमें प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। पुलिस अब वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान करने में जुटी है।

पुलिसकर्मियों पर हमले का मामला

दिल्ली पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर लाठी, डंडे, पत्थरों और अन्य वस्तुओं से हमला किया। इस घटना में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि भीड़ काफी बड़ी थी और स्थिति अचानक तनावपूर्ण हो गई थी।

इंस्पेक्टर नंद किशोर सिंह ने बताया कि जब वह ड्यूटी के लिए जा रहे थे, तभी बड़ी संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने उन्हें घेर लिया और हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि वह वर्दी में थे, इसके बावजूद उनके साथ मारपीट की गई। किसी तरह वह वहां से निकल पाए और अपनी जान बचाई।

पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात जवानों पर हमला गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

हिंसा में शामिल लोगों की पहचान जारी

दिल्ली पुलिस ने हिंसा के दौरान मौजूद लोगों की पहचान के लिए जांच तेज कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर मौजूद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर उपलब्ध सामग्री की जांच की जा रही है।

जांच में जिन लोगों की भूमिका हिंसा में सामने आएगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

अधिकारियों के अनुसार, पासपोर्ट रद्द करने का कदम उन लोगों के खिलाफ उठाया जा सकता है, जो गंभीर हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

प्रदर्शन की शुरुआत नीट मुद्दे से हुई थी

गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हुआ था। कई दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। शुरुआती दिनों में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बाद में कुछ घटनाओं के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

प्रदर्शनकारियों की ओर से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई जा रही थी, वहीं पुलिस प्रशासन लगातार कानून व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश कर रहा था। हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है।

पासपोर्ट रद्द करने का उद्देश्य

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ पासपोर्ट से जुड़े कदम उठाए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें देश छोड़कर भागने से रोकना होता है।

दिल्ली पुलिस का मानना है कि हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे। फिलहाल पुलिस जांच कर रही है और आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ और कार्रवाई सामने आ सकती है।

पुलिस ने साफ किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन हिंसा, पुलिस पर हमला और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

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