कुदरत के सताए को व्यवस्था ने भी नहीं बख्शा

Update: 2025-08-29 10:45 GMT
Market. मंडी। कुल्लू-मंडी में खराब सडक़ों और धंसे हुए मार्गों ने एक परिवार की खुशियां ही छीन लीं। बंजार निवासी नरेश पंडित की मां बीती रात तबीयत बिगडऩे पर अस्पताल नहीं पहुंच पाईं और जिंदगी की जंग हार गईं। परिजनों का आरोप है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सडक़ बहाल कर दी होती, तो मां को बचाया जा सकता था। नरेश पंडित ने बताया कि उनकी मां की हालत गंभीर थी और वह पूरी रात उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने कभी विधायक से तो कभी प्रशासन से मदद की गुहार लगाई, लेकिन कैंची मोड़ पर सडक़ धंसने के कारण मार्ग बंद रहा और एंबुलेंस समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सकी। दर्दनाक स्थिति यह रही कि रात 2 बजे से नरेश पंडित अपनी मां के शव के साथ सडक़ में ही फंसे रहे।


जगह-जगह सडक़ बंद होने के कारण शव को घर तक ले जाना भी बेहद कठिन हो गया और बीच रास्ते कई बार एंबुलेंस बदलनी पड़ी। नरेश पंडित ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सडक़ बंद होने की जानकारी पहले से थी, लेकिन इसे बहाल करने में ढिलाई बरती गई। अगर रात को ही मार्ग खोला जाता, तो मेरी मां की जान बच सकती थी, उन्होंने कहा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि प्रभावित सडक़ों को तुरंत दुरुस्त किया जाए, ताकि किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े। एसडीएम बालीचौकी देवी सिंह ने नरेश पंडित की माता का गाड़ी में देहांत होने की जानकारी मिलने के बाद तुरंत ही गाड़ी को निकलने की व्यवस्था की गई। पीड़ित परिवार को एस्कॉर्ट भी किया गया। यह कहना गलत है कि प्रशासन ने मदद नहीं की है।
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