Indore. इंदौर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के शनिवार को इंदौर में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले शहर में उनके विरोध वाले पोस्टर सामने आए हैं। शहर के विभिन्न हिस्सों में रात के दौरान लगाए गए पोस्टरों पर ‘झूठ की गूंज’ लिखा है। रिपोर्ट के मुताबिक इन्हें लगाने वालों की पहचान स्पष्ट नहीं है। राहुल गांधी का 19 सितंबर को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम निर्धारित है, जिसमें वे छात्रों और युवाओं से संवाद करेंगे। कार्यक्रम के लिए रीजनल पार्क के सामने स्थित मैदान तय किया गया है। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजन की अनुमति नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम स्थल बदला गया था।


राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक बयानबाजी भी जारी है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कुछ दिन पहले ‘छात्रों की गूंज’ पर निशाना साधते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ कहा था। दूसरी तरफ मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए पलटवार किया था। अब राहुल गांधी के आगमन से ठीक पहले इसी तरह के शब्दों वाले पोस्टर दिखाई देने से राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है। पोस्टर किस व्यक्ति या संगठन ने लगाए हैं, इसकी पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं हुई है। इसलिए इन्हें किसी राजनीतिक दल से जोड़कर देखना फिलहाल पुष्ट तथ्य नहीं है।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए राहुल गांधी छात्रों से शिक्षा, रोजगार और युवाओं से संबंधित मुद्दों पर संवाद करने वाले हैं। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं। पार्टी की ओर से युवाओं तक पहुंच बनाने के लिए कॉलेजों, हॉस्टलों और अन्य स्थानों पर संपर्क अभियान भी चलाया गया है। राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर आयोजन स्थल भी पहले से विवाद का विषय रहा है। कांग्रेस को रीजनल पार्क के सामने आईडीए की जमीन कार्यक्रम के लिए अस्थायी तौर पर दी गई है। कार्यक्रम से ठीक पहले आईडीए ने निर्धारित अवधि से पहले जमीन के एक हिस्से के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस से 4.03 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान की मांग भी की है। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है, जबकि आईडीए ने इसे जमीन के इस्तेमाल की अवधि से जुड़ा शुल्क बताया है।
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