Delhi दिल्ली। ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देशों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि अमेरिका के बिना नाटो एक “कागज़ी शेर” साबित होगा।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि NATO देश ईरान जैसी परमाणु शक्ति के खिलाफ कार्रवाई में शामिल होने से बचते रहे, लेकिन अब जब स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है, तो वही देश तेल की बढ़ती कीमतों की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों को महंगा तेल खरीदना पड़ रहा है, लेकिन वे संकट के समाधान में सहयोग करने से पीछे हट रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र करते हुए कहा कि इसे खुलवाना कोई कठिन सैन्य कार्रवाई नहीं है, लेकिन NATO सहयोगी इसमें मदद करने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद रहना ही वैश्विक स्तर पर तेल की ऊंची कीमतों का मुख्य कारण है।
ट्रंप ने अपने बयान में नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि NATO देश केवल अपने हितों की चिंता करते हैं और संकट के समय अमेरिका पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “हम इसे याद रखेंगे। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप के इस बयान से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और NATO देशों के बीच संबंधों में और तनाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।