ड्रग्स माफिया वीरेंद्र बसोया गिरफ्तार, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जांच तेज
नई दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में रहकर भारत समेत कई देशों में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले कुख्यात ड्रग्स माफिया वीरेंद्र सिंह बसोया उर्फ वीरू की गिरफ्तारी के बाद भारतीय जांच एजेंसियां अब उसके पूरे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को खंगालने में जुट गई हैं।
एजेंसियों का मानना है कि बसोया लंबे समय से विदेश में बैठकर ड्रग्स तस्करी के बड़े नेटवर्क को संचालित कर रहा था। उसके जरिए कोकेन के अलावा थाईलैंड का गांजा और मेफेड्रोन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों की सप्लाई भारत सहित कई देशों में किए जाने की जानकारी सामने आई है।
गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच की रफ्तार
वीरेंद्र बसोया की गिरफ्तारी के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, एनसीबी की मुंबई जोनल टीम के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी बसोया को दिल्ली लाकर अपने मामले में गिरफ्तार कर उससे पूछताछ करेगी।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भारत में उसके संपर्क किन-किन लोगों से थे और ड्रग्स सप्लाई के लिए वह किस नेटवर्क का इस्तेमाल करता था।
कई देशों तक फैला था नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, बसोया का नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार कई देशों से जुड़े होने की आशंका है।
एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि ड्रग्स की खरीद, ट्रांसपोर्ट और सप्लाई की पूरी प्रक्रिया किस तरह संचालित की जाती थी।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क में आर्थिक लेनदेन कैसे होता था और किन लोगों को इसका फायदा पहुंच रहा था।
कोकेन सप्लाई पर लग सकता है बड़ा असर
भारतीय एजेंसियों का मानना है कि बसोया की गिरफ्तारी देश में कोकेन की अवैध सप्लाई को रोकने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
अधिकारियों के अनुसार, वह कोकेन सप्लाई करने वाले प्रमुख नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और उसकी गिरफ्तारी से इस पूरे तंत्र को बड़ा झटका लगा है।
जांच एजेंसियां अब उसके सहयोगियों और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
विदेश में रहकर चलाता था कारोबार
एजेंसियों के मुताबिक, वीरेंद्र बसोया लंबे समय से यूएई में रह रहा था और वहीं से ड्रग्स नेटवर्क को नियंत्रित करता था।
विदेश में बैठकर वह भारत में मौजूद अपने संपर्कों के जरिए मादक पदार्थों की सप्लाई करवाता था।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में उसके नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
मेफेड्रोन और गांजे की सप्लाई की जांच
जांच में सामने आया है कि बसोया के नेटवर्क के जरिए कोकेन के अलावा थाईलैंड से आने वाले गांजे और मेफेड्रोन जैसी ड्रग्स की सप्लाई भी की जाती थी।
एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन मादक पदार्थों को भारत में किन रास्तों से लाया जाता था और किन शहरों में पहुंचाया जाता था।
दिल्ली और मुंबई कनेक्शन पर नजर
एनसीबी और स्पेशल सेल की जांच में दिल्ली और मुंबई कनेक्शन पर विशेष नजर है।
दोनों एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि देश के किन हिस्सों में बसोया का नेटवर्क सक्रिय था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे।
जांच के दौरान उसके मोबाइल रिकॉर्ड, आर्थिक लेनदेन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
सुरक्षा एजेंसियों को उम्मीद है कि बसोया से पूछताछ के दौरान ड्रग्स तस्करी से जुड़े कई अहम राज सामने आ सकते हैं।
उससे यह जानने की कोशिश की जाएगी कि वह कब से इस कारोबार में सक्रिय था और उसके अंतरराष्ट्रीय सहयोगी कौन हैं।
इसके अलावा ड्रग्स सप्लाई से होने वाली कमाई और उसके इस्तेमाल की जानकारी भी जुटाई जाएगी।
एजेंसियों का संयुक्त अभियान
ड्रग्स तस्करी के खिलाफ भारत की विभिन्न एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
एनसीबी, स्पेशल सेल और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं, जो विदेशों से भारत में मादक पदार्थों की सप्लाई करते हैं।
आगे की कार्रवाई जारी
फिलहाल वीरेंद्र बसोया से पूछताछ की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। एजेंसियां उसके नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए काम कर रही हैं।
जांच के आधार पर आने वाले दिनों में उसके सहयोगियों और अन्य संदिग्धों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।