Jharkhand झारखंड: राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों का अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी है। प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने कहा कि उनकी पहली और सबसे प्रमुख मांग जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की है। साथ ही उन्होंने टीडीपीएल (TDPL) द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उन सभी परीक्षाओं को निरस्त करने की मांग की, जिनमें अभय तिवारी के शामिल होने का आरोप लगाया जा रहा है।
आंदोलनकारी छात्र ने कहा कि पूरे मामले की तत्काल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराई जानी चाहिए। उनका कहना है कि जांच फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया के तहत अधिकतम 90 दिनों के भीतर पूरी होनी चाहिए, ताकि परीक्षाओं से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
छात्रों का आरोप है कि भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक अभ्यर्थियों का भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास बहाल नहीं हो सकता। इसी वजह से वे लगातार आंदोलन कर रहे हैं और सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
दूसरी ओर, झारखंड सरकार ने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत के लिए चार सदस्यीय मंत्री समिति का गठन किया है। सरकार ने छात्रों से अपना प्रतिनिधिमंडल तय कर वार्ता के लिए आगे आने की अपील की है। सरकार का कहना है कि वह संवाद के माध्यम से समाधान निकालने के पक्ष में है।
फिलहाल, छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और आंदोलन जारी है। यह ध्यान देने योग्य है कि परीक्षा रद्द करने, टीडीपीएल और अभय तिवारी से जुड़े आरोप आंदोलनकारी छात्रों के दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित संस्थाओं या संबंधित व्यक्तियों की ओर से इस बयान के संदर्भ में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच या न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।