Market. मंडी। मंडी में चेक बाउंस के मामले में आरोपी को अदालत ने एक साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को 11 लाख रुपए देने के आदेश भी दिए गए हैं। मंडी के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने नौ वर्ष पुराने एक चेक बाउंस मामले में आरोपी तेज सिंह को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष की साधारण कारावास और 11 लाख रुपए अदा करने की सजा सुनाई है। यह फैसला धर्मेंद्र सैनी बनाम तेज सिंह मामले में दिया गया। मामले के अनुसार आरोपी ने 21 सितंबर 2016 को शिकायतकर्ता धर्मेंद्र सैनी की दुर्गा सीड फर्म नेरचौक से विभिन्न प्रकार के बीज खरीदे। इन बीज का कुल मूल्य 6,02,550 रुपए था। आंशिक भुगतान के उपरांत शेष राशि 5,54,555 रुपए की देयता निपटाने के लिए आरोपी ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, चैलचौक की शाखा सेपहली मार्च 2017 का क्रॉस्ड चेक जारी किया।
शिकायतकर्ता द्वारा चेक को भुनाने के प्रयास में यह 8 मार्च 2017 को फंड्स इनसफिशिएंट होने के कारण वापस हो गया। इसके बाद 5 अप्रैल 2017 को रजिस्टर्ड डाक से कानूनी नोटिस भेजा गया, किंतु भुगतान न होने पर 20 मई 2017 को यह शिकायत दर्ज कराई गई। वाद विचारण के दौरान आरोपी ने बचाव में दलील दी कि उसने खाली हस्ताक्षरित चेक सुरक्षा के रूप में दिए थे और नकद में भुगतान कर दिया था। अदालत ने कहा कि आरोपी ने अपने बचाव में कोई सबूत नहीं दिया है। न्यायालय ने धारा 139 की कानूनी धारणा का हवाला देते हुए कहा कि चेक पर हस्ताक्षर स्वीकार होने पर यह अनुमान बनता है कि यह कानूनी रूप से प्रवर्तनीय दायित्व निपटाने हेतु जारी किया गया था। अदालत ने आरोपी को एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया और एक वर्ष की साधारण कारावास की सजा सुनाई। शिकायतकर्ता को 11 लाख रुपए देने का आदेश भी दिया है। इनमें 5,54,550 रुपए की चेक राशि, 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज तथा मुकदमे का खर्च भी शामिल है। आरोपी को पैसा ना चुकाने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद की सजा होगी। आरोपी को 25 हजार रुपए के निजी बॉन्ड पर 30 दिन की जमानत प्रदान की गई।