Hospice. धर्मशाला। उपभोक्ता अदालत कांगड़ा ने एक अहम फैसले में एडवांस राशि लेकर काम न करने वाले ठेकेदार द्वारा उपभोक्ता को नौ फीसदी ब्याज सहित 30 हज़ार रुपए लौटाने के आदेश जारी किए हैं। ठेकेदार द्वारा यह भुगतान शिकायत दायर होने की तिथि से लेकर वसूली तक करना होगा। इसके साथ ही ठेकेदार द्वारा उपभोक्ता को 15 हजार रुपए मुआवजा राशि व 10 हजार रुपए मुकद्मेबाजी के खर्च के तौर पर प्रदान करने होंगे। उपभोक्ता आयोग जिला कांगड़ा के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा, सदस्य आरती सूद व नारायण ठाकुर की खंडपीठ ने उक्त आदेश सुनाए हैं। जानकारी के अनुसार उपभोक्ता आयोग कांगड़ा में दर्ज एक शिकायत के तहत उपभोक्ता ने बताया था कि वह शाहपुर बाजार में एक स्टूडियो चलाते थे, जिसे सडक़ चौड़ीकरण के दौरान तोड़ा गया।
इसके बाद नए दुकान निर्माण कार्य के लिए उन्होंने अपने पिता की जमीन पर एक ठेकेदार से काम तय किया था। जिसके बाद ठेकेदार ने नौ जून 2025 को 30 हजार रुपए एडवांस लिए और एक सप्ताह में काम शुरू करने का वादा किया, लेकिन ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया और न ही पैसे वापस किए, जबकि बाद में लिखित रूप से सात जुलाई 2025 तक पैसे लौटाने का आश्वासन भी दिया था। मामला आयोग के समक्ष पेश आने पर ठेकेदार को नोटिस जारी करने पर वह आयोग के सामने पेश नहीं आया। इस पर आयोग ने कहा कि शिकायतकर्ताओं द्वारा दायर किए गए दस्तावेज और हलफनामों पर ठेकेदार की ओर से कोई जवाब नहीं आया, इसलिए उनका साक्ष्य अविवादित और स्वीकार्य माना गया। जिसके बाद आयोग द्वारा इस मामले में माना गया कि ठेकेदार ने एडवांस राशि लेने के बाद भी काम शुरू नहीं किया और न ही तय समय पर पैसा लौटाया, जो कि सेवा में गंभीर कमी है। जिसको आधार मानते हुए आयोग ने शिकायतकर्ता उपभोक्ताओं के पक्ष में फैसला सुनाते हुए ठेेकेदार को उपरोक्त निर्देश जारी किए।