आग के बीच फरिश्ता बना कांस्टेबल, जलता सिलेंडर उठाकर मौत से भिड़ा जवान
मंदिर में बड़ा हादसा टला
Jaipur जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के मुहाना स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी समारोह के दौरान बड़ा हादसा टल गया। मंदिर परिसर में रखे गैस सिलेंडर में अचानक आग लगने से अफरातफरी मच गई। आग की लपटें तेजी से वीआईपी पैविलियन की ओर बढ़ने लगीं, जिससे वहां मौजूद श्रद्धालुओं में डर का माहौल बन गया। घटना के दौरान मुहाना थाने के कांस्टेबल कान सिंह ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बड़ा हादसा होने से बचा लिया। जैसे ही उन्हें पता चला कि जलते हुए सिलेंडर से आसपास रखे अन्य सिलेंडरों में भी आग फैल सकती है, वे बिना अपनी जान की परवाह किए खतरे वाले स्थान पर पहुंचे।
कांस्टेबल कान सिंह ने जलते हुए सिलेंडर को प्रभावित क्षेत्र से दूर हटाया और उसे बाहर फेंक दिया। उनकी इस त्वरित कार्रवाई से आग को दूसरे सिलेंडरों तक फैलने से रोकने में मदद मिली। अगर समय रहते सिलेंडर को नहीं हटाया जाता तो मंदिर परिसर में बड़ा हादसा हो सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कांस्टेबल कान सिंह ने खुद आगे बढ़कर लोगों की मदद की और स्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। बताया जा रहा है कि जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान मंदिर में जन्माष्टमी समारोह की तैयारियां चल रही थीं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के मंदिर पहुंचने से कुछ घंटे पहले यह घटना हुई थी।
घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। प्रशासनिक टीमों ने मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। कांस्टेबल कान सिंह के साहस की मौके पर मौजूद लोगों ने जमकर सराहना की। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर न केवल आग को फैलने से रोका बल्कि कई श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई।