पैलेट गन का इस्तेमाल कांग्रेस ने शुरू की थी, राहुल गांधी पर चढ़ पड़े राघव चढ्ढा और इंजीनियर राशिद, कर्नाटक पेपर लीक को लेकर भी घेरा

Update: 2026-07-31 03:56 GMT

दिल्ली। राघव चड्ढा और कश्मीर के सांसद इंजीनियर राशिद लोकसभा में कांग्रेस और केजरीवाल की पोल खुली पैलेट गन पर बोलते हुए रो कश्मीर के सांसद अब्दुल रशीद ने स्पष्ट कहा कि ये सबसे पहले पैलेट गन का इस्तेमाल छह दलों को मारने के लिए हुआ था जो कांग्रेस के निर्देश में हुआ था वही राघव चड्ढा ने भी कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा, वहाँ पेपर लीक का मामला लगातार हो रहा है और पहले जिसने पहले पेपर लीक किया था वही आज शिक्षा मंत्री बनना पड़ा है...

संसद के मानसून सत्र में बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान लोकसभा में उस वक्त जबरदस्त हंगामा हुआ, जब राहुल गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। इस पर सत्तापक्ष ने जमकर विरोध किया। साथ ही सांसद राशिद शेख (इंजीनियर राशिद) ने भी राहुल गांधी पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने ही 2010 में पैलेट गन कश्मीर में शुरू की थी।


राहुल गांधी के पैलेट गन के मुद्दे पर पलटवार करते हुए जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद राशिद शेख ने कहा, आज पैलेट गन की बात हो रही है, मैं इंडिया अलायंस से कहना चाहता हूं कि पैलेट गन तो आपने ही कश्मीर में शुरू किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पैलेट गन से 2010 में 150 लोग मारे गए। उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी।

राशिद ने आगे कहा, 20 जुलाई को छात्रों पर अगर पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है, तो वह गलत है। लेकिन मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं, कि पैलेट गन से कश्मीर में 400 बच्चों की मौत हुई। उनकी मौतों का कौन जवाब देगा। 2024 के लोकसभा चुनाव में, इंजीनियर राशिद ने बारामूला निर्वाचन क्षेत्र में नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के उपाध्यक्ष और मौजूदा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2 लाख से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया था।

राहुल गांधी ने 20 जुलाई को छात्रों के 'चलो संसद' मार्च के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री ने छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश दिया। राहुल गांधी के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सांसद अपनी सीटों से खड़े हो गए और जोरदार विरोध शुरू हो गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि आपने सीधे गृह मंत्री का नाम लिया है। यह बेहद गंभीर आरोप है। आपको या तो माफी मांगनी होगी या फिर यह बताना होगा कि आपने किस आधार पर यह आरोप लगाया है। रिजिजू ने कहा, 'आप वह आदेश की प्रति दिखाइए, जिसमें गृह मंत्री ने किसी अधिकारी को फायरिंग या पैलेट गन चलाने का निर्देश दिया हो। ऑर्डर नंबर बताइए और दस्तावेज सदन के पटल पर रखिए।'

इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कहा कि सदन में बिना पूर्व सूचना और तथ्यों के आधार पर किसी पर व्यक्तिगत आरोप नहीं लगाए जा सकते। उन्होंने राहुल गांधी से कहा कि वे विधेयक पर चर्चा करें और केवल तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखें।

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