केरल के CM नाम को लेकर उलझन बढ़ी, कांग्रेस आलाकमान की ओर से सस्पेंस बरकरार

Update: 2026-05-12 06:30 GMT

वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने की राह सबसे बड़ा रोड़ा बने शशि थरूर, रमेश चेन्निथला

नई दिल्ली: केरल में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूडीएफ की जीत के आठ दिन बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस बना हुआ है। 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटों के साथ सत्ता में वापसी करने वाली यूडीएफ सरकार अभी तक अपना नेता नहीं चुन पाई है। जिस फैसले की उम्मीद चुनाव परिणाम के तुरंत बाद की जा रही थी, वह अब एक सस्पेंस में बदल चुका है।
राज्य में जीत का जश्न जारी है, लेकिन दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान लगातार बैठकों, रणनीति और अंदरूनी चर्चाओं में जुटी हुई है। मंगलवार को यह सस्पेंस ज्यादा गहराने वाला है, क्योंकि पार्टी नेतृत्व ने पूर्व केपीसीसी अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता थिरुवंचूर राधाकृष्णन को चर्चा के लिए दिल्ली बुलाया है।
फिलहाल कांग्रेस के 63 विधायकों में सबसे ज्यादा समर्थन एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल को मिलता दिख रहा है। उनके बाद वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और वीडी सतीशन का नाम चर्चा में है। हालांकि, केसी वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे आने से पार्टी के एक बड़े वर्ग में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों का मानना है कि यह पद वीडी सतीशन को मिलना चाहिए, जिन्होंने पिछले पांच वर्षों में पिनराई विजयन सरकार के खिलाफ आक्रामक विपक्ष की भूमिका निभाई और सरकार को लगातार घेर कर रखा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जहां केसी वेणुगोपाल के पास राहुल गांधी और केंद्रीय नेतृत्व का भरोसा हासिल है, वहीं सतीशन को जमीनी स्तर पर कांग्रेस समर्थकों का भावनात्मक समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, रमेश चेन्निथला भी अपने लंबे प्रशासनिक और संगठनात्मक अनुभव के कारण मजबूत दावेदार बने हुए हैं।
अब यह बहस पार्टी दफ्तरों से निकलकर जनता के बीच भी पहुंच चुकी है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक मौजूदा सांसद को केरल का
मुख्यमंत्री
क्यों बनाया जाए? हालांकि, कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि हाईकमान के लिए यह कोई बड़ी चिंता नहीं है। वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी जैसे उदाहरणों का हवाला दे रहे हैं, जिन्होंने सांसद रहते हुए या केंद्र की राजनीति से राज्य की कमान संभाली थी।
दिल्ली रवाना होने से पहले थिरुवंचूर राधाकृष्णन ने कहा कि मुख्यमंत्री चयन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। वहीं, वरिष्ठ नेता एमएम हसन ने उम्मीद जताई कि अब और देरी नहीं होगी और जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

केरलम कांग्रेस में आंतरिक कलह

अभी तक मुख्यमंत्री पर फैसला नहीं

पप्पू फरिश्ता

नई दिल्ली। कांग्रेस में चल रही आपसी खींचातानी के चलते प्रदेश के नेता अपनी मनमानी कर रहे जिसके कारण अभी तक सर्व मान्य नेता का चयन नहीं हो पाया है। विगत दिनों पाँच राज्यों के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सभी राज्यों के मु यमंत्रियों नये चयन के उपरांत शपथ भी ली, लेकिन केरल कांग्रेस के आंतरिक कलह के कारण अभी तक मुख्यमंत्री पर फ़ैसला नहीं हो पाया है। शशि थरूर और रमेशचेनीथाला मुस्लिम समर्थक पार्टी जो कांग्रेस: के अलायंस पार्टनर होने के कारण KC वेणुगोपाल के मुख्यमंत्री बनने की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बने हुए है । ग़ौरतलब है कि KC वेणुगोपाल राहुल गांधी की सबसे कऱीबी विश्वसनीय साथी होने के कारण सीएम के प्रबल दावेदार माने जा रहे है। लेकिन यही बात राहुल गांधी के लिए समस्या बन गई है और आने वाले समय में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। और कांग्रेस के लिए केरल नया सरदर्द साबित हो सकता है। मुस्लिम समर्थक UDF का एलायंस पर कांग्रेस पार्टी किसी प्रकार का दबाव नहीं डाल सकती है और राजनीतिक समीकरणों के अनुसार हर हाल में उसे UDF के सामने ज़्यादा मोलभाव करने का वक्त मिलेगा ही नहीं। मुस्लिम समर्थक पार्टी की अधिकतर माँगे कांग्रेस पार्टी मान चुकी है।

वेणुगोपाल और सतीशन के समर्थन में लॉबिंग तेज : केरलम के अगले मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस में सस्पेंस अभी भी बना हुआ है। नई दिल्ली में पार्टी नेतृत्व के साथ हुई बैठकों के बाद के सी वेणुगोपाल और वी डी सतीशन के समर्थन में लॉबिंग और तेज हो गई है।

ए के एंटनी निभा सकते है अहम भूमिका : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, राहुल गांधी और वरिष्ठ नेता ए के एंटनी इस फैसले में अहम भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, मु यमंत्री पद के उ मीदवार पर अंतिम फैसला लेने से पहले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के सहयोगी दलों से भी चर्चा की जा सकती है।

सीएम के लिए अब तक तीन नाम सामने आए : केरलम सीएम के लिए अब तक तीन नाम सामने आए है -के सी वेणुगोपाल,वी डी सतीशन, रमेश चेन्निथला । हाईकमान के अंतिम फैसले का इंतजार कर रहे हैं। तीनों नेताओं के समर्थक अपने-अपने नेता के पक्ष में माहौल बनने का दावा कर रहे हैं।

वेणुगोपाल खेमे का मानना है कि कांग्रेस विधायक दल में उनके पक्ष में बहुमत की भावना और राष्ट्रीय स्तर पर उनके संगठनात्मक अनुभव को नेतृत्व महत्व दे सकता है। साथ ही, पार्टी हाईकमान के कुछ वर्गों में उनके प्रति सकारात्मक राय होने की भी चर्चा है।

कांग्रेस नेतृत्व ने सतीशन समर्थकों के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई : दूसरी ओर, सतीशन समर्थकों का कहना है कि केरलम में जनता की भावना और यूडीएफ के कई सहयोगी दलों का समर्थन उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व ने सतीशन समर्थकों द्वारा सार्वजनिक प्रदर्शन और शक्ति प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है। इसके बावजूद उनका खेमा दावा कर रहा है कि जमीनी माहौल को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

रमेश चेन्निथला का भीदावा मजबूत : वहीं, रमेश चेन्निथला ने भी अपने लंबे राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव के आधार पर मु यमंत्री पद के लिए मजबूत दावा पेश किया है। सूत्रों का कहना है कि उन्हें अब भी उ मीद है कि नेतृत्व अंतत: उनके नाम पर विचार कर सकता है।

अंतिम फैसला योग्यता तथा व्यापक राजनीतिक आधार होगा : सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने तीनों नेताओं से कहा कि वे सभी सक्षम उ मीदवार हैं और अंतिम फैसला योग्यता तथा व्यापक राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल तत्काल घोषणा के लिए उपयुक्त नहीं है।

तीनों दावेदारों ने चुप्पी साध रखी : दिल्ली में खडग़े और राहुल गांधी से मुलाकात के बाद तीनों दावेदारों ने सार्वजनिक रूप से चुप्पी साध रखी है। पार्टी हाईकमान ने अनुशासनहीनता, सार्वजनिक प्रचार और समर्थकों की लामबंदी के खिलाफ स त निर्देश जारी किए हैं।

कांग्रेस के लिए समस्या: कांग्रेस पार्टी जनता में संदेश देना कि वह क्रिश्चियन मु यमंत्री देना चाहती है, लेकिन सहयोगी दल इसमें रोड़ा अटका रहे हैं। गौरतलब है कि सहयोगी दल यूडीएफ मोर्चे में शामिल है जो मु यत: मुस्लिम परस्त पार्टी है, या कहें लगभग मुस्लिम लीग ही है। कांग्रेस इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकती कि वह मुस्लिमों के कारण ही सत्ता तक पहुंची है।



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