सहारनपुर :  सावन महीने की पवित्र कांवड़ यात्रा इस बार कई मायनों में खास नजर आ रही है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे शिवभक्तों में महिलाओं की भागीदारी पहले की तुलना में काफी बढ़ी हुई दिखाई दे रही है। सहारनपुर जिले से गुजरने वाले कांवड़ मार्गों पर बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु कांवड़ लेकर जाती हुई नजर आ रही हैं। महिला कांवड़ियों और शिविर संचालकों का कहना है कि बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक इंतजाम और यात्रा मार्ग पर मिल रही सुविधाओं के कारण महिलाओं का विश्वास बढ़ा है।

सावन माह में भगवान शिव की आराधना के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और वहां से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों के शिवालयों में जलाभिषेक करते हैं। इसी क्रम में सहारनपुर से होकर भी बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री गुजर रहे हैं। इस बार यात्रा में पुरुषों के साथ-साथ महिला श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक देखने को मिल रही है।

महिला कांवड़ियों ने बताया कि पहले कई महिलाएं लंबी दूरी की कांवड़ यात्रा में शामिल होने से हिचकिचाती थीं, लेकिन अब हालात काफी बदल गए हैं। यात्रा मार्ग पर पुलिस की तैनाती, महिला सुरक्षा को लेकर किए गए इंतजाम और जगह-जगह बनाए गए शिविरों में मिलने वाली सुविधाओं से महिलाओं को काफी सहूलियत मिल रही है। इसी कारण अब महिलाएं भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ कांवड़ यात्रा का हिस्सा बन रही हैं।

कई महिला श्रद्धालुओं का कहना है कि भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था उन्हें यात्रा के लिए प्रेरित करती है। उन्होंने बताया कि परिवार के सहयोग और प्रशासन की बेहतर व्यवस्था के कारण वह बिना किसी डर के यात्रा पूरी कर पा रही हैं। महिला कांवड़ियों ने यात्रा मार्ग पर सफाई, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी संतोष जताया।

वहीं, कांवड़ शिविर संचालकों ने भी इस बार महिला श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को लेकर खुशी जताई है। उनका कहना है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शिविरों में महिलाओं के लिए अलग से सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। महिला यात्रियों के ठहरने, भोजन और आराम की व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए हैं।

शिविर संचालकों के अनुसार, प्रशासन और पुलिस विभाग की सक्रियता के कारण यात्रा का माहौल पहले से ज्यादा सुरक्षित हुआ है। जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात हैं और संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। इससे महिला श्रद्धालुओं में भी सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ा है।

सहारनपुर प्रशासन की ओर से भी कांवड़ यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। यात्रा मार्गों पर साफ-सफाई, यातायात व्यवस्था, चिकित्सा सहायता केंद्र और सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

कांवड़ यात्रा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सामाजिक बदलाव के रूप में भी देखा जा रहा है। पहले जहां धार्मिक यात्राओं में पुरुषों की संख्या अधिक रहती थी, वहीं अब महिलाएं भी बराबरी से अपनी आस्था और भक्ति का प्रदर्शन कर रही हैं। सहारनपुर में इस बार महिला कांवड़ियों की मौजूदगी ने यात्रा को और भी विशेष बना दिया है।

श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन का यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ते विश्वास और सहभागिता को भी दर्शाता है। महिला कांवड़ियों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित माहौल के चलते अब महिलाएं भी बड़े धार्मिक आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

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