सहारनपुर। सहारनपुर में सामने आए नकली नोट कांड की जांच अब स्थानीय स्तर से निकलकर दूसरे राज्यों और संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन तक पहुंच गई है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मामले की जांच तेज करते हुए सहारनपुर स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट और संबंधित शाखाओं में करीब 36 घंटे तक लगातार पड़ताल की। इस दौरान एजेंसी ने कई अहम जानकारियां और सुराग जुटाए हैं।

जांच में मिले संकेतों के आधार पर अब एनआईए ने हरियाणा से जुड़े संभावित लिंक को भी खंगालना शुरू कर दिया है। इसके अलावा नकली नोटों के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका को देखते हुए नेपाल की जांच एजेंसी से भी संपर्क साधा गया है।

17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोट मिलने से मचा था हड़कंप

यह पूरा मामला सहारनपुर के घंटाघर स्थित सोफिया मार्केट में पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट से जुड़ा है। यहां करीब 17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोट मिलने के बाद हड़कंप मच गया था।

मामला सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जांच एजेंसियां भी सक्रिय हो गईं। एसएसपी अभिनंदन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी और क्राइम ब्रांच को जांच में लगाया। वहीं, राष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग पहलुओं से जांच शुरू कर दी।

एनआईए ने करेंसी चेस्ट और शाखाओं की जांच की

दिल्ली से पहुंची एनआईए की टीम ने गुरुवार को सहारनपुर पहुंचकर करेंसी चेस्ट की जांच शुरू की। टीम ने बैंक अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की।

करीब 36 घंटे तक चली जांच में एनआईए ने नकली नोटों के स्रोत, उनके बैंकिंग सिस्टम तक पहुंचने के रास्ते और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को समझने की कोशिश की।

जांच एजेंसी ने करेंसी चेस्ट में नकदी के आने-जाने की प्रक्रिया, रिकॉर्ड, लेन-देन से जुड़े दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था की भी जानकारी जुटाई।

हरियाणा कनेक्शन की तलाश

जांच के दौरान मिले कुछ सुरागों के बाद अब एनआईए ने हरियाणा से जुड़े संभावित कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नकली नोटों का नेटवर्क किसी दूसरे राज्य से जुड़ा हुआ है या नहीं।

जांच अधिकारी यह भी पता लगाने में जुटे हैं कि नकली नोट कहां तैयार किए गए, किन माध्यमों से उन्हें आगे पहुंचाया गया और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं।

नेपाल से भी संपर्क

मामले में संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की आशंका को देखते हुए नेपाल की जांच एजेंसी से भी संपर्क किया गया है। जांच एजेंसियां इस बात की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं कि कहीं नकली नोटों की सप्लाई सीमा पार से तो नहीं हुई।

भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में पहले भी नकली नोटों के नेटवर्क सामने आते रहे हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां हर संभावित पहलू को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं।

आरोपियों की तलाश में दबिश जारी

वहीं, स्थानीय स्तर पर एसआईटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। टीम आरोपियों के रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

जांच एजेंसियां संदिग्ध लोगों की गतिविधियों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मामले से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

कई एजेंसियां कर रहीं जांच

नकली नोटों की इतनी बड़ी बरामदगी के बाद मामले की जांच कई स्तरों पर चल रही है। एसआईटी, क्राइम ब्रांच और एनआईए अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।

जहां स्थानीय एजेंसियां आरोपियों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं, वहीं एनआईए बड़े नेटवर्क और अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है।

आगे और खुलासे की उम्मीद

जांच एजेंसियों का मानना है कि इस मामले में आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। 17 करोड़ 29 लाख रुपये के नकली नोटों का मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं माना जा रहा है।

फिलहाल जांच एजेंसियां मिले सुरागों को जोड़ने में जुटी हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, नकली नोटों के नेटवर्क और इसमें शामिल लोगों की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।

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