अयोध्या : श्रीराम मंदिर की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र 8 सितंबर को विधिवत अपना कार्यभार संभालेंगे। मंदिर ट्रस्ट की ओर से सीईओ पद की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को लेकर तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अंतिम रूप दे दिया गया है।
शुक्रवार को वैदेही भवन में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टियों और एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र की मौजूदगी में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सीईओ की भूमिका, अधिकार क्षेत्र, जिम्मेदारियों और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इसके बाद एसओपी को अंतिम रूप दिया गया।
बैठक में यह तय किया गया कि मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की संख्या, सुरक्षा, प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं को देखते हुए सीईओ की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। श्रीराम मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए एक अनुभवी प्रशासनिक अधिकारी की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र को मंदिर ट्रस्ट ने इसी उद्देश्य से सीईओ की जिम्मेदारी सौंपी है। उनके पास प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ बड़े स्तर पर संचालन और प्रबंधन का अनुभव है। माना जा रहा है कि उनके कार्यभार संभालने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं में और अधिक व्यवस्थित बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
एसओपी में तय हुए अधिकार और जिम्मेदारियां
बैठक में सीईओ की कार्यप्रणाली से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सहमति बनी। एसओपी में उनके अधिकार, जिम्मेदारियां, निर्णय लेने की प्रक्रिया और ट्रस्ट के साथ समन्वय से जुड़े नियम शामिल किए गए हैं।
इसके अलावा सीईओ को मिलने वाले वेतन-भत्तों और आवश्यक सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। हालांकि, एसओपी की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ट्रस्ट की ओर से कहा गया है कि यह आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
मंदिर ट्रस्ट लगातार अपनी व्यवस्थाओं को आधुनिक और बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रहा है। मंदिर निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारी प्रबंधन, दान व्यवस्था और अन्य प्रशासनिक कार्यों का विस्तार भी हो रहा है। ऐसे में सीईओ की नियुक्ति को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन को मिलेगा नया ढांचा
श्रीराम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है। देश-विदेश से लाखों लोग रामलला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। आने वाले समय में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए मंदिर ट्रस्ट ने प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने की योजना बनाई है।
सीईओ के रूप में जीतेंद्र मिश्र मंदिर प्रशासन और अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का काम करेंगे। साथ ही मंदिर से जुड़े विभिन्न कार्यों की निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी उनकी अहम भूमिका होगी।
8 सितंबर से शुरू होगा नया दायित्व
एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र 8 सितंबर को औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण करेंगे। इसके बाद वह ट्रस्ट की ओर से तय की गई जिम्मेदारियों के अनुसार काम शुरू करेंगे।
माना जा रहा है कि पदभार संभालने के बाद वह मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रशासनिक ढांचे का अध्ययन करेंगे। इसके बाद भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जा सकती है।
ट्रस्ट ने नहीं साझा की विस्तृत जानकारी
शुक्रवार की बैठक के बाद एसओपी को अंतिम रूप दिए जाने की जानकारी सामने आई, लेकिन ट्रस्ट की ओर से इसके सभी बिंदुओं को सार्वजनिक नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि सीईओ की भूमिका से संबंधित कई विषय प्रशासनिक प्रक्रिया के अंतर्गत आते हैं।
श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की कोशिश है कि मंदिर की व्यवस्था विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप संचालित हो। सीईओ की नियुक्ति इसी दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 8 सितंबर पर हैं, जब एयर मार्शल रिटायर्ड जीतेंद्र मिश्र औपचारिक रूप से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।