नई दिल्ली:भारत मंडपम में प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के साथ BRICS समिट का आधिकारिक रूप से आगाज हो गया है। इससे पहले PM मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का भारत मंडपम में स्वागत किया। BRICS देशों के बीच संयुक्त बयान जारी करने पर सहमति बन गई है। इसे आज शाम शाम जारी किया जाएगा।

यह सहमति ऐसे समय में बनी है, जब पश्चिम एशिया में तनाव जारी है और ईरान, सऊदी अरब और UAE जैसे सदस्य देशों के कई मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं। भारत ने बातचीत के जरिए इन मतभेदों के बीच आम सहमति बनाने में अहम भूमिका निभाई।
जिनपिंग BRICS के लिए 7 साल बाद भारत आए
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत पहुंचे हैं। पालम एयरपोर्ट पर केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने उनका स्वागत किया। गलवान झड़प के बाद यह जिनपिंग का यह पहला भारत दौरा है। BRICS समिट में शामिल होने के बाद वे आज शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से द्विपक्षीय बैठक होगी।
15 जून 2020 को गलवान झड़प के बाद भारत-चीन रिश्तों में तनाव बढ़ा, लेकिन कारोबार नहीं रुका। 2020-21 में चीन से भारत का आयात करीब 65 अरब डॉलर था, जो 2025-26 में बढ़कर 132 अरब डॉलर से ज्यादा हो गया। यानी गलवान झड़प के बाद चीन से आयात दोगुना हो गया है।
ब्रिक्स की अध्यक्षता में 30 शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें हुईं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS समिट में सभी नेताओं का भारत में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारत की BRICS अध्यक्षता का फोकस आम लोगों और मानवता को सबसे आगे रखने पर रहा है। मोदी ने कहा कि भारत ने लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और टिकाऊ विकास को अपनी प्राथमिकता बनाया। साथ ही, BRICS के कामकाज को आम लोगों से जोड़ने पर भी खास ध्यान दिया गया।
उन्होंने बताया कि भारत की अध्यक्षता के दौरान 350 से ज्यादा बैठकें आयोजित की गईं। इस दौरान BRICS देशों की टीमों का करीब 30 शहरों में स्वागत किया गया।
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