Bengaluru बेंगलुरु। कर्नाटक स्टेट साइबर कमांड ने ‘म्यूल बैंक खातों’ के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाते हुए दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच 68 मुख्य आरोपियों और संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी साइबर कमांड के पुलिस महानिदेशक प्रणब मोहंती ने एक आधिकारिक बयान में दी। म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध रूप से धन के हस्तांतरण, प्राप्ति या अपराध से अर्जित रकम को छिपाने के लिए करते हैं। इनमें तथाकथित ‘म्यूल अकाउंट होल्डर’ या ‘म्यूल हर्डर’ जैसे बिचौलियों की भूमिका होती है।
साइबर कमांड ने संगठित साइबर ठगी नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए पूरे कर्नाटक में समन्वित अभियान चलाया। यह विशेष अभियान पिछले सप्ताह से जारी है और राज्य में साइबर अपराध के ढांचे को ध्वस्त करने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। अभियान के दौरान पुलिस ने म्यूल हर्डर के नेटवर्क की पहचान कर उन्हें ध्वस्त किया। ये लोग कई म्यूल बैंक खातों को इकट्ठा कर उनका नियंत्रण और दुरुपयोग करते थे तथा साइबर अपराधियों को फर्जी वित्तीय लेनदेन के लिए उपलब्ध कराते थे। जांच में सामने आया कि ये हर्डर म्यूल खाते जुटाकर उन्हें ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल गिरोहों को बेचते थे।
आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस कार्रवाई के दौरान कुल 60 मामले दर्ज किए गए और 869 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया जा रहा था। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर इन पहचाने गए खातों के खिलाफ 8,788 शिकायतें दर्ज थीं। इन मामलों में कुल 85.05 करोड़ रुपये की रकम शामिल बताई गई है, जिसमें से 13.43 करोड़ रुपये की राशि को आगे के नुकसान से बचाने के लिए होल्ड पर रखा गया है।
जांच और तलाशी अभियान के तहत 32 सर्च वारंट हासिल किए गए और विभिन्न स्थानों पर 35 तलाशी अभियान चलाए गए। इन छापों के दौरान 35 एटीएम कार्ड, 37 पासबुक, 80 मोबाइल फोन, 28 चेकबुक, 22 सिम कार्ड और साइबर अपराध से जुड़े 50 अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त किए गए। साइबर कमांड ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे वित्तीय चैनलों की पहचान और उन्हें बाधित करने के निरंतर प्रयासों का हिस्सा है, ताकि कर्नाटक में साइबर सुरक्षा और वित्तीय सुरक्षा को मजबूत किया जा सके।